सरस्वती विहार में स्पर्श गंगा अभियान के तहत स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम
कार्यक्रम प्रभारी रजत ने बताया कि अभियान के अंतर्गत नियमित स्वच्छता गतिविधियां, जनजागरूकता कार्यक्रम, जल स्रोतों के संरक्षण, प्लास्टिक उपयोग में कमी, स्वच्छता शपथ और पर्यावरण संरक्षण संदेशों का प्रचार-प्रसार किया गया। इस अवसर पर एनएसएस और नमामि गंगे के स्वयंसेवियों ने स्वच्छता कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण से जुड़े व्यावहारिक प्रयास किए। साथ ही विद्यालय परिसर में पौधों की देखभाल की और “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के माध्यम से पौध संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रधानाचार्य डॉ. सूर्य प्रकाश ने कहा कि स्वच्छता केवल व्यक्तिगत आदत नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि गंगा हमारी सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक जीवनरेखा है, इसलिए इसका संरक्षण सभी का नैतिक दायित्व है। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने स्वच्छता बनाए रखने तथा गंगा और पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया।

