सिरसा का जवान गुवाहाटी में शहीद
ग्रामीणों ने बताया कि सुरजीत फौजी केवल एक साहसी सैनिक ही नहीं थे, बल्कि वे गांव के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत, मार्गदर्शक और आदर्श व्यक्तित्व थे। उन्होंने गांव में खेल ग्राउंड के लिए निरंतर प्रयास किए और आर्मी की तैयारी कर रहे बच्चों से उनका विशेष लगाव रहा। वे हमेशा युवाओं को अनुशासन, मेहनत, आत्मविश्वास और देशभक्ति के मार्ग पर आगे बढऩे की प्रेरणा देते रहे। उल्लेखनीय है कि गांव ढुकड़ा निवासी भंवरलाल के तीन बेटों में सुरजीत सिंह सबसे बड़े थे और 2013 में फौज में भर्ती हुए थे।

