Haryana

यमुनानगर में 11 महीने बाद खुला मौत का राज,कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज

यमुनानगर, 15 जनवरी यमुनानगर जिले में बीकेडी रोड के समीप गांव मनभरवाला में युवक की संदिग्ध मौत के मामले में करीब 11 महीने बाद नया मोड़ आया है। अदालत के आदेश पर पुलिस ने अब इस मामले में हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना छछरौली में गांव देवधर निवासी अरविंद के खिलाफ हत्या की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

मामला 10 फरवरी 2025 की सुबह का है, जब गांव मनभरवाला में शराब के ठेके के पास 35 वर्षीय विक्रम का शव खून से लथपथ हालत में मिला था। शव पर करीब 10 गंभीर चोटों के निशान पाए गए थे। इसके बावजूद उस समय पुलिस ने इसे दुर्घटनाजन्य मानते हुए केवल इत्तेफाकिया कार्रवाई की और पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया था। किसी भी तरह का आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। परिजनों का कहना है कि विक्रम मजदूरी करता था और फरवरी 2025 में कुछ दिनों के लिए गांव के ही एक जमींदार अरविंद के यहां काम कर रहा था। 9 फरवरी की शाम वह काम के सिलसिले में अरविंद के पास गया था, लेकिन रात भर घर नहीं लौटा।

अगली सुबह सूचना मिली कि मनभरवाला गांव में एक शव पड़ा है, जिसकी पहचान बाद में विक्रम के रूप में हुई। मृतक के चचेरे भाई करण सिंह ने आरोप लगाया कि गांव में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में विक्रम 9 फरवरी की शाम करीब सात बजे आरोपी अरविंद के साथ बाइक पर जाते हुए दिखाई देता है। इसके बाद से ही परिवार को विक्रम की मौत को लेकर गहरा संदेह था कि दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जो हत्या में बदल गया। हालांकि हत्या की वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। परिजनों ने इस मामले को शुरुआत से ही हत्या बताते हुए थाना पुलिस, एसपी, डीसी और सीएम विंडो तक कई बार शिकायतें दीं, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

अंततः न्याय की उम्मीद में परिवार ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश के बाद अब पुलिस ने मृतक की मां कैलाशो देवी की शिकायत पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। थाना छछरौली के जांच अधिकारी ने बताया कि कोर्ट के निर्देशों के अनुसार मामले की दोबारा जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है और आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।