गणतंत्र दिवस समारोहों में आया बदलाव, राज्य के 14 जिलों के कार्यक्रम संशोधित
भोपाल, 24 जनवरी । मध्य प्रदेश में 77वें गणतंत्र दिवस के आयोजन की तैयारियों के बीच सामान्य प्रशासन विभाग ने कार्यक्रमों में संशोधन करते हुए नया आदेश जारी किया है। इस संशोधन के तहत राज्य के 14 जिलों के जिला स्तरीय समारोहों में बदलाव किए गए हैं। इनमें से छह जिलों में अब जिला कलेक्टरों को ही मुख्य अतिथि बनाकर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सबसे बड़ा बदलाव राजधानी भोपाल के राज्य स्तरीय मुख्य समारोह को लेकर किया गया है। संशोधित आदेश के अनुसार, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर अब भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होंगी और मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। इससे पहले उनका कार्यक्रम सीहोर जिले के जिला स्तरीय समारोह में निर्धारित था।
संशोधन के बाद सीहोर जिले में अब जिला कलेक्टर को ध्वजारोहण की जिम्मेदारी दी गई है। प्रशासनिक कारणों और पहले घोषित अतिथियों की उपलब्धता में परिवर्तन के चलते यह निर्णय लिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि कार्यक्रमों में यह संशोधन सुचारु आयोजन और प्रशासनिक समन्वय को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
संशोधित आदेश के अनुसार, जिन 14 जिलों में बदलाव किए गए हैं, वहां संबंधित जिला प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अब इन जिलों में कार्यक्रम की रूपरेखा, अतिथियों की सूची और ध्वजारोहण की जिम्मेदारी में परिवर्तन के अनुसार तैयारियां की जा रही हैं।
उल्लेखनीय है कि राज्य स्तर पर मुख्य गणतंत्र दिवस समारोह राजधानी भोपाल में आयोजित होगा, जहां राज्यपाल मंगुभाई पटेल राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने गृह जिले उज्जैन में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में तिरंगा फहराएंगे। इसके अतिरिक्त प्रदेश के अन्य मंत्रियों और विधायकों की जिम्मेदारियां भी जिलावार तय की गई हैं, ताकि पूरे प्रदेश में गणतंत्र दिवस का आयोजन भव्य और सुव्यवस्थित तरीके से किया जा सके।
गणतंत्र दिवस समारोहों के दौरान प्रदेशभर में परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम, झांकियां और देशभक्ति से जुड़े आयोजन होंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम, संविधान के मूल्यों और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया जाएगा। प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है।

