Uttarakhand

उत्तराखंड में दिखा बैंककर्मियाें की हड़ताल का व्यापक असर

का व्यापक असर रहा। राज्य के बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की हड़ताल से राज्य की 4200 बैंकाें में कामकाज पर असर दिखा।

उत्तरांचल बैंक इम्प्लाइज यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार जैन ने बताया कि देशव्यापी हड़ताल के तहत राज्य के लगभग 4200 सौ सरकारी और निजी बैंक शामिल रहे। उन्हाेंने बताया कि बैंक कर्मियाें की मुख्य मांगाें में बैंकिंग कार्यप्रणाली में पांच दिवसीय कार्य का सप्ताह लागू किया जाए। उन्हाेंने कहा कि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस लंबे समय से बैंकिंग क्षेत्र में सप्ताह में पांच कार्य दिवस लागू करने की मांग कर रहा है। वर्ष 2015 में 10वें द्विपक्षीय समझौते, 7वें जॉइंट नोट में आईबीए और सरकार के बीच सहमति बनी थी कि प्रत्येक माह के दूसरे और चौथे शनिवार अवकाश रहेंगे, जबकि अन्य शनिवार पूर्ण कार्य दिवस होंगे। उन्हाेंने बताया कि उस समय यह आश्वासन दिया गया था कि शेष सभी शनिवारों को अवकाश घोषित करने की मांग पर यथासमय विचार किया जाएगा, परंतु इसे लंबित ही रखा जा रहा है। इसके बाद 2022 में सरकार और भारतीय बैंक संघ ने यूएफबीयू के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करने पर सहमति दी ताकि कार्य घंटे बढ़ाकर शेष शनिवारों को अवकाश घोषित किया जा सके। वर्ष 2023 में विचार-विमर्श के बाद यह तय हुआ कि सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन कार्य समय में 40 मिनट की वृद्धि की जाएगी और शेष सभी शनिवार अवकाश घोषित किए जाएंगे।

राष्ट्रव्यापी हड़ताल के मद्देनजर आज यूनाइटेड फॉर्म ऑफ़ बैंक यूनियन देहरादून के संयोजक काॅमरेड इन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में सेन्ट्रल बैंक के निकट राजपुर रोड पर प्रदर्शन किया गया। जिसमें लगभग सभी बैंकों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बड़े ही जोश के साथ नारेबाजी करते हुए सरकार को सप्ताह में 5 दिवसीय बैंकिंग कार्य दिवस अति शीघ्र लागू करने की मांग रखी। हड़ताल में इन्द्र सिंह रावत, अनिल जैन, हेमंत मल्होत्रा, चंद्रकांत जोशी, कमल तोमर, निशांत शर्मा, नरोत्तम मनिहाल, शार्दुल ढौंढियाल, कुलदीप सिंह के साथ कई महिलाकर्मी भी सम्मिलित हुए।