आयुष्मान कार्ड में लापरवाही, दोषी अधिकारियों पर तय होगी जवाबदेही : डीएम
कानपुर, 28 जनवरी । आयुष्मान कार्ड एक महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है, जिसका सीधा सम्बंध आम जनता के स्वास्थ्य से है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। यह निर्देश बुधवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह सम्बंधित अधिकारियों को दिए।
आयुष्मान कार्ड निर्माण में अपेक्षित प्रगति न होने पर जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान शिवराजपुर, बिल्हौर और भीतरगांव के एमओआईसी की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त करते हुए उनके विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा में सामने आया कि जनवरी माह में अब तक केवल 7,258 नए आयुष्मान कार्ड ही बनाए जा सके हैं, जो लक्ष्य की तुलना में अत्यंत कम है। इस पर उन्होंने निर्देश दिए कि अभियान को युद्धस्तर पर संचालित करते हुए शेष पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड शीघ्र बनाए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि तीन फरवरी को पुनः समीक्षा की जाएगी और यदि प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई तो सम्बंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में बताया गया कि जनपद कानपुर नगर में अब तक कुल आठ लाख 64 हजार 21 आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं। वहीं, वय वंदना योजना के अंतर्गत 70 वर्ष से अधिक आयु के 79,533 वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं, जिसके चलते कानपुर नगर प्रदेश में प्रथम स्थान पर है।
इसके साथ ही जन आरोग्य समिति के अंतर्गत नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में बजट व्यय की समीक्षा की गई। ग्वालटोली, जूही, जागेश्वर, बेनाझाबर, सर्वोदय नगर, अनवरगंज और रामबाग यूपीएचसी में धनराशि के उपयोग को असंतोषजनक बताते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को शासन को पत्र भेजने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि यह धनराशि मरीजों की सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए है और भविष्य में किसी भी प्रकार की वित्तीय या प्रशासनिक लापरवाही पर व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी। बैठक में सीएमओ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

