Himachal Pradesh

नई शिक्षा नीति के तहत हिमाचल बोर्ड ने तैयार की आधुनिक पाठ्य-पुस्तकें : डॉ राजेश शर्मा

धर्मशाला, 30 जनवरी । हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बोर्ड की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के विद्यार्थियों को इस बार राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप पूरी तरह से पुनर्गठित और आधुनिक पाठ्यक्रम पढ़ने को मिलेगा। बोर्ड ने नई पुस्तकों की छपाई और समयबद्ध आपूर्ति के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।

​डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि नई पाठ्य-पुस्तकों का निर्माण केवल सूचना देने के लिए नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में वैचारिक समझ और नैतिक मूल्यों को विकसित करने के लिए किया गया है। इन पुस्तकों को इस तरह तैयार किया गया है जिससे बच्चों में कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा मिले। बोर्ड का लक्ष्य छात्रों को केवल परीक्षा के लिए तैयार करना नहीं, बल्कि उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम बनाना है।

​पुस्तकों की उपलब्धता पर अपडेट देते हुए अध्यक्ष ने कहा कि शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन सत्र वाले स्कूलों की अधिकांश कक्षाओं के लिए पुस्तकों की छपाई लगभग पूरी हो चुकी है। शेष कार्य भी अब अपने अंतिम चरण में है। बोर्ड यह सुनिश्चित कर रहा है कि सरकार द्वारा निर्धारित समय-सारणी के अनुसार सभी सरकारी और संबद्ध निजी विद्यालयों तक पुस्तकें समय पर पहुँचा दी जाएं, ताकि शैक्षणिक सत्र के पहले दिन से ही पढ़ाई बिना किसी बाधा के शुरू हो सके।

​विशेषज्ञों की देखरेख में तैयार हुआ कंटेंट

​इस बार पाठ्यक्रम की गुणवत्ता और भाषा की सरलता पर विशेष ध्यान दिया गया है। डॉ. शर्मा के अनुसार पुस्तकों के निर्माण में विषय-विशेषज्ञों, अनुभवी शिक्षकों और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के महत्वपूर्ण सुझावों को शामिल किया गया है। इससे न केवल विषय-वस्तु अपडेट हुई है, बल्कि भाषा को भी इतना सरल रखा गया है कि छात्र स्वयं भी उसे आसानी से समझ सकें।