अभाविप दिल्ली का 61वां प्रदेश अधिवेशन केशव महाविद्यालय में संपन्न
नई दिल्ली, 04 फरवरी । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) दिल्ली का 61वां दो दिवसीय प्रदेश अधिवेशन केशव महाविद्यालय में स्थापित ‘गुरु तेग बहादुर नगर’ के माधवराव सभागार में एक फरवरी को संपन्न हुआ। अधिवेशन में दिल्ली के विभिन्न शैक्षणिक परिसरों से आये 503 प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अधिवेशन में संगठनात्मक विकास, शैक्षिक नीतियों तथा सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर गंभीर विचार-विमर्श कर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
गुरुतेग बहादुर नगर में बुधवार को आयोजित अभाविप दिल्ली के 61वें अधिवेशन में कुल चार प्रस्ताव पारित किए गये। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का हो प्रभावी क्रियान्वयन, डिजिटल लत से आगे : प्रकृति, खेल और संस्कृति की ओर अग्रसर हो युवा, राष्ट्रविरोधी तत्वों के खिलाफ एकजुट हो दिल्लीवासी तथा ‘संरक्षित और सुरक्षित पर्यावरण हर पीढ़ी का मूल अधिकार सहित महत्वपूर्ण चार प्रस्तावों को प्रतिनिधियों द्वारा प्राप्त सुझावों के अनुसार संशोधन कर पारित किया गया।
अभाविप दिल्ली के प्रांत मंत्री सार्थक शर्मा ने आज पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए बताया कि दिल्ली में अभाविप द्वारा किये गये क्रियाकलापों पर आधारित मंत्री प्रतिवेदन रखा, जिसमें दिल्ली में हुए अभाविप के कार्यक्रम, गतिविधियां, आंदोलन तथा लगभग 54000 सदस्यता तथा महाविद्यालय और नगर इकाई सहित कुल 113 इकाइयों का गठन इस वर्ष किया।
अभाविप दिल्ली के 61वें प्रांत अधिवेशन में सत्र 2026-27 हेतु पुनः निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष प्रो. तपन बिहारी और प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा को चुनावाधिकारी प्रो. पंकज सिंह ने पदभार ग्रहण कराया।
अभाविप दिल्ली के 61वें प्रांत अधिवेशन के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि भारतीय भाषा समिति के अध्यक्ष पद्मश्री प्रो. चमू कृष्ण शास्त्री, विशिष्ट अतिथि के रूप में अभाविप राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान एवं स्वागत समिति अध्यक्ष वेद प्रकाश टंडन और मंत्री राकेश गुप्ता उपस्थिति रही|
चमू कृष्ण शास्त्री ने कहा कि परिषद के कार्यकर्ताओं में तीन शक्ति होनी चाहिए कार्यशक्ति, ज्ञानशक्ति और इच्छाशक्ति अगर यह तीनों है तो जरूर अच्छे समाज की नीवं का पत्थर बनेंगे।
आशीष चौहान ने बताया की विद्यार्थी परिषद ने ‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’ जैसा अभियान लेकर युवाओं को जागरूक किया है। संघ के पंच परिवर्तन को कैंपसों तक ले जाने का आग्रह भी किया। कैंपसों में भारत के ‘स्व’ के भाव को जगाने एवं अपने जीवन में उतारने का भी आग्रह किया।
अधिवेशन के दूसरे दिन शोभायात्रा केशव महाविद्यालय से निकलकर रानीबाग स्थित रामलीला मैदान में पहुंची जहां खुले अधिवेशन का आयोजन किया गया जिसमें राष्ट्रीय मंत्री आदित्य तकियार की विशेष उपस्थिति रही। खुले अधिवेशन में दिल्ली विश्वविद्यालय की परीक्षा में हुई गड़बड़ी, जेएनयू में राष्ट्रविरोधी नारे, छात्रसंघ चुनाव में हो सुधार और पर्यावरण सहित अन्य विषयों पर वक्ताओं ने अपने विचार रखें।
अधिवेशन में समांतर सत्रों के माध्यम से जेन-जी, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 तथा छात्रावास संबंधी समस्याओं पर परिचर्चा भी हुई। प्रदेश में 22 – 31 मार्च तक ‘वंदेमातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के निमित महाविद्यालयों इकाइयो के साथ वंदेमातरम गान का अभियान तथा महाविद्यालय परिसरों में ‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’ के माध्यम से विद्यार्थियों में डिजिटल उपकरणों के उपयोग पर नियंत्रण को लेकर प्रदेश भर में अभाविप द्वारा अभियान चला जाएगा।
अभाविप दिल्ली के प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि अभाविप के इस प्रदेश अधिवेशन में विभिन्न विभागों से आए कार्यकर्ताओं ने संगठनात्मक और कार्यक्रयात्मक विषयों पर विचार-विमर्श किया। अधिवेशन में आए प्रतिनिधि कार्यकर्ता अपने केंद्रों पर सम्पूर्ण दृढ़ता और प्रतिबद्धता के साथ काम कर सभी शैक्षिक संस्थानों एवं समाज तक विद्यार्थी परिषद का संदेश पहुंचाएंगे। एक नई ऊर्जा और दृढ़ संकल्प के साथ विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता आगामी कार्यक्रमों और योजनाओं पर काम करेंगे और निश्चित रूप में प्रदेश भर में छात्रशक्ति तीव्र गति से आगे बढ़ेगी।

