राजगढ़ः इंटरनेट सुरक्षा दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, दिलाई शपथ
राजगढ़, 10 फरवरी। मध्य प्रदेश के राजगढ़ में मंगलवार को कलेक्टर डॉ. गिरीशकुमार मिश्रा की अध्यक्षता में इंटरनेट सुरक्षा दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एनआईसी, ई-गवर्नेंस द्वारा विभिन्न साइबर फ्राॅड मामलों पर चर्चा की गई साथ ही रोकथाम के लिए आवश्यक उपाय बताए गए।
बैठक में डिजिटल अरेस्ट, यूपीआई एवं नेट बैंकिंग पासवर्ड की सुरक्षा को लेकर सावधानियों की जानकारी दी गई। साइबर ठगी की स्थिति में 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर एवं नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया से अवगत कराया गया। बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर भी चर्चा की गई। एआई के स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा, शॉपिंग और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में उपयोग की जानकारी दी गई साथ ही इसके दुरुपयोग, प्राइवेसी से जुड़े जोखिम और त्रुटियों के संभावित खतरे बताए गए।
कार्यक्रम में बताया गया कि एआई लर्निंग पर आधारित होता है, इसलिए सही परिणाम हेतु सही इनपुट आवश्यक है।
कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने कहा कि सोशल मीडिया पर जितनी अधिक व्यक्तिगत जानकारी साझा की जाती है, व्यक्ति उतना ही अधिक साइबर फ्राॅड के प्रति संवेदनशील हो जाता है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि किसी भी वेबसाइट या एप्प की प्रमाणिकता की जांच किए बिना कोई भी जानकारी साझा न करे। इस अवसर पर बुजुर्गों एवं बच्चों को साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए विशेष रूप से जागरूक करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान “साइबर जागृत भारत नागरिक शपथ” भी दिलाई गई, जिसमें उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने, निजी जानकारी की सुरक्षा करने तथा साइबर अपराध के प्रति सतर्क रहने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में फर्जी एस्ट्रोलॉजी (ज्योतिष) एप्प से सावधान रहने की सलाह देते हुए कहा कि ऐसे एप्प या वेबसाइट्स पर अपनी व्यक्तिगत अथवा वित्तीय जानकारी साझा न करे, इससे साइबर ठगी की आशंका रहती है। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को साइबर सुरक्षा एवं सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करना रहा।

