Delhi

उज्ज्वल निकम की स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के तौर पर नियुक्ति के खिलाफ हत्यारोपित पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली, 11 फरवरी । कई हत्याओं के आरोपित विजय भिवाजीराव पालांडे ने राज्यसभा सदस्य उज्जवल निकम को 2012 में दिल्ली के व्यवसायी अरुण कुमार टिक्कू की हत्या मामले में स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर के पद से हटाने की मांग करते हुए उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर किया है।

पालांडे के वकील विभा दत्त मखीजा ने बुधवार काे चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मेंशन करते हुए सुनवाई करने की मांग की। तब चीफ जस्टिस ने पूछा कि याचिकाकर्ता ने पहले उच्च न्यायालय का दरवाजा क्यों नहीं खटखटाया। बाद में उच्चतम न्यायालय ने इस मामले पर विचार करने पर सहमति जताई।

दरअसल, पालांडे ने मुंबई की एक अदालत में निकम को स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर के पद से हटाने की मांग की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। पालांडे का कहना है कि राज्यसभा सदस्य के रुप में निकम निजी मामलों को संभाल सकते हैं, लेकिन राज्य की ओर से स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर के रुप में कार्य करना लाभ का पद होगा। पालांडे ने आशंका जताई है कि निकम अपने प्रभाव का उपयोग कर सजा को सुनिश्चित कर सकते हैं।

निकम ने इस याचिका का विरोध करते हुए कहा है कि दंड प्रक्रिया संहिता और भारतीय न्याय संहिता में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जो राज्यसभा सदस्य बनने के बाद उन्हें स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर के रुप में काम करने से रोकता हो। उन्होंने कहा कि स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर के रुप में उनकी नियुक्ति स्थायी नहीं है, बल्कि अनुबंध पर आधारित है। इसलिए इसे लाभ का पद नहीं माना जा सकता है।