Haryana

फरीदाबाद : सूरजकुंड में डिजाइनर घडिय़ां और लैंप कर रहे आकर्षित

फरीदाबाद, 14 फरवरी । विश्व प्रसिद्ध सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेला में देश-विदेश से आए शिल्पकारों के बीच विभिन्न डिजाइन की आकर्षक घडिय़ां और लैंप मेला परिसर में विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। पारंपरिक कला और आधुनिक डिजाइनों के समन्वय से तैयार घडिय़ां और लैंप घर और कार्यालय की सजावट में चार चांद लगाते हैं। मेला परिसर में विभिन्न स्टॉलों पर छोटी टेबल क्लॉक से लेकर बड़ी दीवार घडिय़ों तक विविध आकार और डिजाइनों में उत्पाद उपलब्ध हैं। लकड़ी और अनेक धातुओं से हस्तनिर्मित पेंटिंग से सजी घडिय़ां खरीदारों को विशेष रूप से आकर्षित कर रही हैं। वहीं सूरजकुंड मेला परिसर में अनेक स्टॉल पर उपलब्ध लैंप पारंपरिक कला और आधुनिक डिज़ाइन का अनूठा संगम प्रस्तुत कर रहे हैं। हस्तनिर्मित टेबल लैंप, हैंगिंग लैंप और दीवार सज्जा लैंप अपनी कलात्मक बनावट और मनमोहक रोशनी से लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। शिल्पकारों का कहना है कि ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के चलते स्वदेशी उत्पादों की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ग्राहकों में हस्तनिर्मित और पर्यावरण अनुकूल उत्पादों के प्रति रुचि बढ़ी है, जिससे स्थानीय कारीगरों को आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर मिल रहा है। शिल्पकारों का कहना है कि सूरजकुंड मेला परिसर में बड़ी संख्या में पर्यटक मेले में पहुंच रहे हैं और हस्तशिल्प उत्पादों की खरीदारी कर रहे हैं। मेला में आने वाले लोगों के लिए कई प्रकार के डिजाइनों की घडिय़ां और लैंप काफी पसंद आ रहे हैं। सूरजकुंड मेला न केवल भारतीय शिल्प और संस्कृति का उत्सव है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त पहल भी सिद्ध हो रहा है। शिल्पकारों ने हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और पर्यटन मंत्री डा अरविंद कुमार शर्मा का विशेष रूप से आभार व्यक्त करते हुए सूरजकुंड मेला प्रशासन की भी सराहना की।