Himachal Pradesh

बजट सत्र : आरडीजी पर चर्चा का मुख्यमंत्री देंगे जवाब, प्रश्नकाल में गूंजेंगे ट्रांसफर नीति और नौकरियों से जुड़े सवाल

शिमला, 18 फ़रवरी । राजधानी शिमला में चल रहे हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की तीसरी बैठक आज बुधवार को अहम मानी जा रही है। आज सदन में प्रश्नकाल के अलावा अन्य विधायी कार्य भी निपटाए जाएंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत राज्य को मिलने वाले राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) को बंद किए जाने के मुद्दे पर चल रही चर्चा आज समाप्त होगी। चर्चा खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री सदन में उठाए गए सवालों का जवाब देंगे।

आरडीजी को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच पिछले दो दिनों से तीखी बहस देखने को मिली है। सत्तापक्ष के विधायकों का कहना है कि इससे राज्य को हर साल हजारों करोड़ रुपये का नुकसान होगा तथा केंद्र को इसे बहाल करना चाहिए। जबकि विपक्ष का तर्क है कि ये नीतिगत फैसला है और केंद्र द्वारा सभी राज्यों के लिए आरडीजी को बंद किया गया है। आज मुख्यमंत्री के जवाब के बाद इस मुद्दे पर सरकार का रुख और आगे की रणनीति साफ हो सकती है।

बैठक के दौरान यह भी तय किया जाएगा कि राज्यपाल द्वारा बीते 16 फरवरी को सदन में दिए गए अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा इसी बैठक में शुरू की जाए या फिर कुछ दिनों के विराम के बाद इसे लिया जाए। अगर आज चर्चा शुरू होती है तो सरकार अपनी प्राथमिकताओं और नीतियों को विस्तार से रखेगी, जबकि विपक्ष को भी सरकार को घेरने का मौका मिलेगा।

सदन की कार्यवाही हमेशा की तरह प्रश्नकाल से शुरू होगी। आज प्रश्नकाल में कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठने की संभावना है। सरकारी कर्मचारियों की ट्रांसफर नीति को लेकर सवाल पूछे जाएंगे, खासकर बार-बार होने वाले तबादलों और पारदर्शिता को लेकर। इसके अलावा अधिकारियों और कर्मचारियों की दफ्तरों से गैर-हाजिरी और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग से जुड़े मामलों पर भी सरकार से जवाब मांगा जाएगा।

सेब बागवानों की समस्याएं भी आज सदन में गूंज सकती हैं। विधायक क्षेत्र विकास निधि के उपयोग और लंबित कार्यों पर भी सवाल उठेंगे। शिक्षा विभाग में खाली पदों, स्कूलों में शिक्षकों की कमी और सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों से जुड़े मुद्दे भी चर्चा में रहेंगे।

पिछले तीन वर्षों में दी गई नौकरियों, प्रदेश में बेरोजगार युवाओं की संख्या और आउटसोर्स आधार पर दी जा रही नौकरियों को लेकर भी सरकार से आंकड़े मांगे जाएंगे। विपक्ष के विधायक इन सवालों के जरिए सरकार को घेरने की तैयारी में है, जबकि सरकार अपनी उपलब्धियां गिनाने की कोशिश करेगी।