यमुनानगर: स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान में विद्यार्थियों ने दिए नवाचार के संदेश
यमुनानगर, 19 फ़रवरी । जिले में स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 के तहत नगर निगम की स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) टीम द्वारा वार्ड-22 स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय, गोविंदपुरा में रचनात्मक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार नागरिकता की भावना को मजबूत करना रहा।
ँइस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने अनुपयोगी वस्तुओं का प्रयोग करते हुए स्वच्छ शहर की अवधारणा, कचरा प्रबंधन प्रणाली तथा प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े विविध मॉडल प्रस्तुत किए। बच्चों ने ठोस अपशिष्ट के पुनर्चक्रण, संसाधनों के पुनः उपयोग और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के व्यावहारिक उपायों को रचनात्मक ढंग से प्रदर्शित किया। मॉडल्स के माध्यम से वायु, जल और मृदा प्रदूषण के दुष्प्रभावों तथा उनके समाधान पर भी विशेष संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण विषय पर पोस्टर व पेंटिंग प्रतियोगिता में भी भाग लिया। रंगों और संदेशों के माध्यम से उन्होंने साफ-सुथरे शहर और स्वस्थ जीवनशैली का महत्व प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया।
विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी और कल्पनाशीलता ने उपस्थित अधिकारियों और शिक्षकों को प्रभावित किया। स्वच्छ भारत मिशन के विशेषज्ञ आकाश कुमार ने बच्चों से संवाद करते हुए उनके मॉडलों की जानकारी ली और नवाचार आधारित सोच को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल अभियान नहीं बल्कि जीवनशैली है और युवा पीढ़ी इसके माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। विद्यालय के प्रधानाचार्य राजीव कुमार ने बताया कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करती हैं। कार्यक्रम में विशेषज्ञ पंकज वर्मा तथा नगर निगम से जुड़े संदीप और अमित चौहान ने भी विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे जनजागरूकता की प्रभावी पहल बताया है। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों में स्वच्छता को लेकर उत्साह और जिम्मेदारी का स्पष्ट संदेश देखने को मिला।

