संपत्ति व किराएदारों की सुरक्षा के लिए नया कानून जरूरी: बजरंग दल
जयपुर, 21 फ़रवरी । बजरंग दल ने अशांत घोषित क्षेत्रों में संपत्ति संरक्षण और किराएदारों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए जल्द सख्त कानून लागू करने की मांग की है। संगठन ने राज्य मंत्रिमंडल द्वारा प्रस्तावित डिस्टर्ब एरियाज बिल-2026 को शीघ्र लागू करने पर जोर देते हुए इसे सामाजिक संतुलन और स्थानीय निवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक बताया है। साथ ही केंद्र सरकार और अन्य राज्यों में भी इसी तरह के कानून लागू करने की मांग की गई है।
जयपुर में आयोजित बजरंग दल की दो दिवसीय प्रांत स्तरीय बैठक में संगठनात्मक मजबूती,सेवा कार्यों की गति और आगामी रणनीति पर चर्चा की गई। इस दौरान संगठन के राष्ट्रीय सह-संयोजक विवेक कुलकर्णी ने कहा कि देशभर में युवाओं को राष्ट्रहित और संस्कार आधारित गतिविधियों से जोड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने राजस्थान सरकार द्वारा धर्मांतरण विरोधी कानून लाने और डिस्टर्ब एरिया बिल के लिए विधेयक पारित करने की पहल का स्वागत किया। साथ ही हाल ही में रिलीज हुई फिल्म द केरल स्टोरी 2 देखने की अपील भी की।
कुलकर्णी ने बताया कि राज्य सरकार अशांत घोषित क्षेत्रों में स्थायी निवासियों की संपत्तियों और किराएदारों के अधिकारों की रक्षा के लिए ‘दि राजस्थान प्रोहिबिशन ऑफ ट्रांसफर ऑफ इम्मूवेबल प्रोपर्टी एंड प्रोविजन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ टेनेन्ट्स फ्रॉम एविक्शन फ्रॉम प्रिमाइसेज इन डिस्टर्ब एरियाज बिल, 2026’ ला रही है, जिसके प्रारूप को कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है। प्रस्तावित कानून का उद्देश्य अशांत क्षेत्रों में अनैतिक दबाव या प्रतिकूल परिस्थितियों में संपत्ति हस्तांतरण को रोकना और स्थायी निवासियों तथा किराएदारों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने इस विधेयक को राजस्थान में जल्द लागू करने के साथ-साथ अन्य राज्यों और केंद्र सरकार से भी ऐसे कानून लाने की मांग की।
विश्व हिंदू परिषद ने राजस्थान विधानसभा में पारित विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक-2025 का स्वागत किया है। कुलकर्णी ने कहा कि अवैध और जबरन धर्मांतरण की गतिविधियां देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए चुनौती बन रही थीं। विशेष रूप से दलित और जनजातीय समुदायों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की गई।
उन्होंने अलवर, भरतपुर, खैरथल-तिजारा, बांसवाड़ा, सिरोही, डूंगरपुर, दौसा, झुंझुनू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और सलूंबर सहित कई जिलों में कथित धर्मांतरण गतिविधियों को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि यह विधेयक सामाजिक समरसता और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
बैठक में देशभर में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर भी चिंता जताई गई। कुलकर्णी ने कहा कि युवाओं को नशे की लत से बचाने और समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर नशा मुक्ति अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत जागरूकता, शिक्षा, परामर्श और सामाजिक सहयोग के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रखने का प्रयास किया जाएगा।

