Rajasthan

पुलिस से बनी सहमति, वकीलों ने रास्ता खोला

जयपुर, 25 फ़रवरी । शहर के निजी अस्पताल के संचालक के खिलाफ इलाज के दौरान लापरवाही करने को लेकर दर्ज एफआईआर में कार्रवाई की मांग के साथ गत 16 फरवरी से हाईकोर्ट के बाहर रास्ता रोककर बैठे वकीलों ने बुधवार शाम को पुलिस से समझौता होने के बाद अपना धरना समाप्त कर दिया।

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव सोगरवाल और डीसीपी दक्षिण राजर्षि राज की ओर से संयुक्त जानकारी दी गई कि दोनों पक्षों के बीच सात बिंदुओं पर सहमति बनी है। इसके तहत आरजीएचएस में अनियमिता के बारे में निविक अस्पताल से संबंधित जांच चिकित्सा विभाग की ओर से बीस दिन में पूरी कराने के संबंध में विभाग को पत्र लिखा जाएगा। वहीं जांच के बाद अपराध प्रमाणित होता है तो विभाग एफआईआर दर्ज कराएगा। वहीं इलाज में लापरवाही को लेकर मानसरोवर थाने में दर्ज एफआईआर को लेकर परिवादी की इच्छा पर मेडिकल कॉलेज को मेडिकल बोर्ड गठित करने के लिए लिखा जाएगा। जांच एवं कार्रवाई पूरी होने तक अस्पताल को अस्थाई रूप से पैनल से बाहर करने के लिए आरजीएचएस को लिखा जाएगा। वहीं हाईकोर्ट में लंबित याचिका में तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश की जाएगी। वकीलों का समझौता हुआ है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए डीसीपी दक्षिण की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की जाएगी और जांच एक माह में पूरी की जाएगी। वहीं केस की प्रगति के बारे में परिवादी को बताया जाएगा। इसके साथ ही प्रत्येक जांच में परिवादी शामिल रहेगा और हर सात दिन में बार एसोसिएशन को प्रगति के बारे में बताया जाएगा। वहीं समस्त दस्तावेजों व सीसीटीवी फुटेज की जांच एफएसएल से एक माह में कराई जाएगी।