हिमाचल में अराजकता की पराकाष्ठा, देश की छवि तार-तार करने वालों को संरक्षण : डॉ. राजीव बिंदल
ऊना, 26 फ़रवरी । हिमाचल भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने ऊना में वीरवार को हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 24 घंटों में सामने आया घटनाक्रम “ना भूतो ना भविष्यति” जैसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर से जुड़े एआई समिट प्रकरण में जिन लोगों पर देश की छवि धूमिल करने के आरोप हैं, उन्हें संरक्षण देने के लिए प्रदेश सरकार ने कानून-व्यवस्था को दांव पर लगा दिया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली पुलिस विधिसम्मत कार्रवाई के तहत आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए हिमाचल आई थी, लेकिन हिमाचल प्रदेश पुलिस ने उन पर ही अपहरण का मुकदमा दर्ज कर दिया। उन्होंने इसे हाई-वोल्टेज ड्रामा करार देते हुए आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक संरक्षण देने के उद्देश्य से की गई।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि देश की गरिमा को ठेस पहुंचाने के आरोपियों को बचाने के लिए पुलिस बलों को आमने-सामने खड़ा किया जाए, तो इससे बड़ा संवैधानिक संकट क्या हो सकता है?
डॉ. बिंदल ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ी है। उन्होंने नालागढ़ में संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने, चंबा में वन अधिकारी पर हमले, मंडी में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मारपीट, बिलासपुर और ऊना में फायरिंग की घटनाओं तथा दलित बालक की हत्या जैसे मामलों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि सरकार हर मामले में निष्क्रिय रही है।
उनका कहना था कि प्रदेश में माफिया राज फल-फूल रहा है, लेकिन सरकार की संजीदगी केवल अपने राजनीतिक हितों तक सीमित है।
चुनाव आयोग के निर्देशों की अनदेखी का आरोप
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पंचायती राज चुनावों को लेकर भारत निर्वाचन आयोग द्वारा समयसीमा तय किए जाने के बावजूद राज्य सरकार ने अधिकारियों को आयोग के निर्देशों पर अमल न करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसे संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन बताते हुए कहा कि सरकार चुनाव आयोग के विरुद्ध अदालतों में मुकदमे लड़ने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है।
डॉ. बिंदल ने स्पष्ट किया कि संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन है और अंतिम निर्णय न्यायपालिका ही करेगी। हालांकि, उन्होंने दो राज्यों की पुलिस को आमने-सामने खड़ा करने की स्थिति को संघीय ढांचे और कानून-व्यवस्था पर आघात बताया।
उन्होंने कांग्रेस सरकार की कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता अराजकता, संरक्षणवाद और संवैधानिक अव्यवस्था का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी।

