भोपालः अपर मुख्य सचिव शुक्ला ने की जल जीवन मिशन, स्वास्थ्य और शिक्षा योजनाओं की प्रगति की समीक्षा
भोपाल, 11 मार्च । अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ला की अध्यक्षता में बुधवार को भोपाल संभाग की विकास योजनाओं और शासकीय नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आयुक्त कार्यालय के सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधायक भगवानदास सबनानी, प्रभुराम चौधरी, सूर्यप्रकाश मीणा, मोहन शर्मा एवं विष्णु खत्री सहित अन्य जिलों से सभी विधानसभाओं के विधायकगण भी वीसी के माध्यम से जुड़े। इसके साथ ही भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, सभी जिलों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं सभी संबंधित विभागीय अधिकारी एवं राजगढ़, विदिशा, रायसेन एवं सीहोर कलेक्टर्स व्हीसी के माध्यम से बैठक में उपस्थित रहे।
बैठक में अपर मुख्य सचिव शुक्ला ने स्वास्थ्य, शिक्षा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE), नल-जल योजना और जल जीवन मिशन सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की तथा योजनाओं के समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य, शिक्षा और आंगनवाड़ियों की सघन निगरानी
शुक्ला ने कलेक्टर्स को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य सेवाओं, विद्यालयों और आंगनवाड़ियों के संचालन की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विशेष रूप से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और स्कूलों की व्यवस्थाओं पर सतत निगरानी रखने तथा किसी भी प्रकार की कमी या अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
अधोसंरचना और नगरीय विकास पर जोर
बैठक में अमृत-2.0 योजना के अंतर्गत किए जा रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्य पूर्ण होने के बाद सड़कों को जीर्ण-शीर्ण अवस्था में न छोड़ा जाए और उनका समय पर संधारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि नगरों के बढ़ते विस्तार को ध्यान में रखते हुए शहरों की बाहरी सीमाओं पर बहुद्देश्यीय विकास परियोजनाओं का निर्माण किया जाए, जिससे शहरी विकास को नियोजित स्वरूप मिल सके।
विभागीय समन्वय और प्रशासनिक सुदृढ़ता पर बल
अपर मुख्य सचिव शुक्ला ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी से जुड़ी समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों के पास दोहरा प्रभार है, वे निर्धारित दिवसों पर संबंधित कार्यस्थलों पर उपस्थित रहकर कार्यों की नियमित समीक्षा करें, ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए। साथ ही, बांधों के लिए अधिग्रहित भूमि का शीघ्र नामांतरण संबंधित विभागों के नाम करने के निर्देश भी दिए गए।
पेयजल आपूर्ति और जनप्रतिनिधियों से समन्वय
आगामी ग्रीष्मकाल को देखते हुए शुक्ला ने समूह पेयजल योजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि प्रत्येक नागरिक को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध हो सके। उन्होंने कलेक्टर्स से कहा कि जनप्रतिनिधियों, विशेषकर विधायकों के साथ निरंतर संवाद और समन्वय बनाए रखें तथा उनके द्वारा उठाई गई जनसमस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

