पर्याप्त है कुकिंग गैस का भंडार, ‘पैनिक बुकिंग’ न करें: केंद्र सरकार
नई दिल्ली, 12 मार्च । केंद्र सरकार ने देश में कुकिंग गैस की संभावित कमी को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच गुरुवार को लोगों से एलपीजी सिलेंडर की पैनिक बुकिंग से बचने की अपील करते हुए कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की शत-प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग एवं ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में आयोजित अंतर-मंत्रालयी प्रेस वार्ता में कहा कि कई राज्यों में कुकिंग गैस की भारी कमी की खबरें सही नहीं हैं और देश में एलपीजी की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत आदेश जारी कर सभी रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन अधिकतम करने के निर्देश दिए हैं। इसके परिणामस्वरूप एलपीजी का घरेलू उत्पादन बढ़कर 28 प्रतिशत हो गया है, जो एक दिन पहले 25 प्रतिशत था। शर्मा ने बताया कि देश में लगभग एक लाख रिटेल आउटलेट संचालित हो रहे हैं और इनमें से किसी भी आउटलेट पर गैस खत्म होने की कोई सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि देश में प्रतिदिन लगभग 50 लाख सिलेंडरों का वितरण किया जा रहा है और वितरण प्रणाली में किसी तरह की कमी की रिपोर्ट नहीं है, लेकिन घबराहट के कारण सिलेंडर बुकिंग में कई गुना वृद्धि देखी गई है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे आवश्यकता से अधिक सिलेंडर बुक न करें, क्योंकि इससे वितरण प्रणाली पर अनावश्यक दबाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी एलपीजी की लगभग 60 प्रतिशत आवश्यकता आयात के माध्यम से पूरी करता है, जिसमें से करीब 90 प्रतिशत आपूर्ति होर्मुज जलडमरू मध्य के रास्ते आती है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण स्थिति चुनौतीपूर्ण है, लेकिन सरकार आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकारी हस्तक्षेप के बाद भारत के 70 प्रतिशत से अधिक कच्चे तेल का आयात अब होर्मुज जलडमरू मध्य के अलावा अन्य मार्गों से किया जा रहा है, जिससे आपूर्ति की स्थिति काफी सहज बनी हुई है। सुजाता शर्मा ने कहा कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता पर्याप्त है और भारत प्रतिदिन लगभग 55 लाख बैरल कच्चे तेल का उपयोग करता है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनिंग देश है, जिससे पेट्रोल और डीजल जैसे उत्पादों की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिलती है।
उन्होंने बताया कि गैर-घरेलू एलपीजी आपूर्ति में अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे आवश्यक क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अलावा कमर्शियल एलपीजी की मांग को संतुलित करने के लिए राज्यों के साथ मिलकर कुछ अतिरिक्त कमर्शियल सिलेंडर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि एलपीजी आपूर्ति पर दबाव कम करने के लिए वैकल्पिक ईंधन विकल्पों को भी सक्रिय किया जा रहा है। इसी क्रम में राज्यों को पहले से दिए जा रहे एक लाख किलोलीटर केरोसिन के अतिरिक्त 48 हजार किलोलीटर केरोसिन और उपलब्ध कराया जाएगा।

