Rajasthan

राज्य सरकार ने कहा हाथियों के कल्याण के लिए उठाए जाएंगे कदम

जयपुर, 12 मार्च । राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट को अवगत कराया गया की हाथी गांव में हाथियों के कल्याण के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही मामले में न्याय मित्र की ओर से पेश हलफनामे पर तत्काल जवाब दिया जाएगा। राज्य सरकार के आवष्वासन पर अदालत ने मामले की सुनवाई 6 अप्रैल को रखी है। जस्टिस पीएस भाटी और जस्टिस विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ ने यह आदेश हाथियों के कल्याण को लेकर लिए गए स्वप्रेरित प्रसंज्ञान पर सुनवाई करते हुए दिए।

सुनवाई के दौरान न्यायमित्र अधिवक्ता शोभित तिवाडी की ओर से शपथ पत्र पेश किया गया। जिसमें कहा गया कि साल 2018 में पशु चिकित्सा विभाग और पशु कल्याण बोर्ड की ओर से प्रकाशित स्वास्थ्य ऑडिट में हाथियों की गंभीर चिकित्सीय हालात, स्वामित्व संबंधी मुद्दे और तस्करी सहित कुपोषण जैसी समस्याओं को उजागर किया गया था। वहीं 8 जनवरी, 2008 को पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार हाथियों के स्वामित्व प्रमाण पत्र, परिवहन, आवास और देखभाल सहित अन्य मुद्दों को लेकर प्रावधान किया गया था। न्यायमित्र की ओर से कहा गया कि मामले में राज्य सरकार की ओर से पेश शपथ पत्र में सरकारी जवाब केवल हाथियों की नियमित चिकित्सीय जांच तक ही सीमित है, जबकि मामले में सरकार का विस्तृत हलफनामा जरूरी है। जिसमें 8 जनवरी की रिपोर्ट में बताए प्रावधानों की जानकारी भी हो। न्यायमित्र की ओर से हाथियों के ऑडिट, माइक्रोचिप्स स्थिति, स्वामित्व प्रमाण पत्र, आवास, भोजन प्रोटोकॉल और कार्यभार सीमा आदि को लेकर भी सुझाव दिए गए। इसके अलावा पशु कल्याण बोर्ड ऑफ इंडिया के प्रतिनिधियों, अंतरराष्ट्रीय पशु चिकित्सा विशेषज्ञों व वन्यजीव अधिकारियों की स्वतंत्र कमेटी गठन करने और उनकी ओर से आकस्मिक निरीक्षण करने, पांच फीट से कम ऊंचाई के हाथी और गर्भवती, बुजुर्ग व बीमार हाथियों को पर्यटन सवारी के लिए प्रतिबंधित करने सहित कोटा के पास हाथी अभ्यारण्य स्थापित सहित अन्य सुझाव दिए गए। इस पर अतिरिक्त महाधिवक्ता की ओर से कहा गया कि न्यायमित्र के शपथ पत्र का जल्दी जवाब दिया जाएगा और हाथी गांव में हाथियों की बेहतरी के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।