पान मसाला विज्ञापन को लेकर सलमान खान और राजश्री की रिवीजन खारिज
जयपुर, 16 मार्च । राज्य उपभोक्ता आयोग ने राजश्री पान मसाला के भ्रामक विज्ञापन से जुडे मामले में फिल्म अभिनेता सलमान खान और राजश्री की ओर से दायर रिवीजन याचिका को खारिज कर दिया है। आयोग अध्यक्ष जस्टिस देवेन्द्र कच्छावाहा और न्यायिक सदस्य अरुण कुमार अग्रवाल व सदस्य लियाकत अली ने अपने आदेश में कहा कि भारत जैसे विशाल देश में केवल दिल्ली में स्थित केन्द्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण को इस तरह की शक्तियां प्रदान करने के संबंध में विधायिका को पुनर्विचार करना चाहिए। वहीं कम से कम राज्य आयोग व उसकी पीठ को इस तरह के प्रकरण सीधे सुनने के प्रावधान करना चाहिए, ताकि इस संबंध में भ्रांति दूर हो और आम जन को भ्रामक विज्ञापनों से राहत मिल सके। आयोग ने कहा कि मामले में परिवादी को परिवाद दायर करने का अधिकार को लेकर जिला आयोग में प्रार्थना पत्र लंबित है। ऐसे में इसी आधार पर राज्य आयोग में प्रार्थना पत्र पेश कर जिला आयोग का काम राज्य आयोग से करनो की प्रयास किया जा रहा है।
रिवीजन याचिकाओं में जिला उपभोक्ता आयोग, क्रम 2 के गत 6 जनवरी और 15 जनवरी के उन आदेशों को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत आयोग ने राजश्री पान मसाला के भ्रामक प्रचार पर रोक लगाते हुए सलमान खान के हस्ताक्षर मौका कमिश्नर की उपस्थिति में कराने को कहा गया था। रिवीजन याचिका में कहा गया कि अधिनियम की धारा 89 में भ्रामक विज्ञापन के मामले में दंड का प्रावधान है और धारा 92 में स्पष्ट किया गया है कि केन्द्रीय प्राधिकरण या उसकी ओर से अधिकृत अधिकारी ही धारा 88 व धारा 89 के तहत परिवाद पेश कर सकता है। इसके अलावा मामले में परिवादी उपभोक्ता की श्रेणी में नहीं आता है। जिसे अस्वीकार करते हुए राज्य आयोग ने दोनों रिवीजन याचिकाओं को खारिज कर दिया है। गौरतलब है कि योगेन्द्र सिंह ने जिला आयोग में परिवाद पेश कर राजश्री पान मसाला की ओर से उत्पाद की बिक्री नहीं करने और सलमान खान को इसका भ्रामक विज्ञापन नहीं करने के लिए पाबंद करने की गुहार की गई थी।

