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अमेरिकी सीनेटर बर्नी सैंडर्स ईरान युद्ध के लिए 200 कराेड़ डाॅलर की मांग के प्रस्ताव के खिलाफ

वॉशिंगटन, 22 मार्च । पश्चिम एशिया में पिछले 26 दिनों से जारी युद्ध के बीच अमेरिका की डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने कहा कि वह ईरान युद्ध के लिए ट्रंप शासन की ओर से प्रस्तावित 200 बिलियन डाॅलर की फंडिंग की मांग का बिल्कुल भी समर्थन नहीं करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने इजराइल को हथियारों के ट्रांसफर को रोकने के लिए एक प्रस्ताव लाने का भी वादा किया।

तुर्किये की संवाद समिति अनाडाेलू एजेंसी और अन्य मीडिया रिपाेर्टस के अनुसार मंगलवार को अमेरिकी सीनेटर सैंडर्स ने एक इंटरव्यू में कहा कि वह ईरान युद्ध के लिए प्रस्तावित $200 बिलियन की फंडिंग की मांग का बिल्कुल भी समर्थन नहीं करेंगे। उन्होंने इजराइल को हथियारों की सप्लाई रोकने के लिए एक प्रस्ताव लाने का वादा किया।

उन्होंने कहा कि अमेरिका ने इजराइल के साथ मिलकर ईरान के ख़िलाफ “यह युद्ध शुरू किया” था। उन्होंने गैस की बढ़ती कीमतों और अमेरिकियों पर बढ़ते आर्थिक दबाव को लेकर ट्रंप प्रशासन की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप प्रशासन गैस की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने में नाकाम रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने यह युद्ध शुरू किया। उसने इजराइल के साथ मिलकर एकतरफा हमले का अभियान चलाया, जिससे पश्चिम एशिया में भारी तबाही मची।

वर्मांट के सीनेटर सैंडर्स ने इज़राइल के साथ अमेरिका के संबंधों पर भी सवाल उठाए और गाजा में इजराइल द्वारा किए जा रहे नरसंहार का जिक्र किया। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान युद्ध पर “सैकड़ों-हज़ारों अरब डॉलर” खर्च होंगे। उन्होंने कहा कि कई अमेरिकी लोग घर, स्वास्थ्य सेवा और भोजन जैसी बुनियादी ज़रूरतों का खर्च उठाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। चाहे आप रिपब्लिकन हों या डेमोक्रेट, यह ऐसा युद्ध नहीं है जिसे अमेरिकी लोग चाहते हैं।

उल्लेखनीय है कि ईरान पर 28 फरवरी से अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हवाई हमले में अब तक 1,340 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं। ईरान ने ड्रोन और मिसाइल हमलों से जवाबी कार्रवाई की है। उसने इजरायल के साथ-साथ जॉर्डन, इराक और खाड़ी देशों को निशाना बनाया है, जहां अमेरिकी सेना के ठिकाने हैं। इन हमलों से जान-माल का नुकसान हुआ है, बुनियादी ढांचा तबाह हुआ है और वैश्विक बाज़ारों एवं हवाई यातायात में भी रुकावट आई है। युद्ध शुरू होने के बाद से कम से कम 13 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं, जबकि इस संघर्ष के कारण ऊर्जा की कीमतें बढ़ गई हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य से मालवाहक जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है।————-