कपिल मिश्रा के विरुद्ध एफआईआर की मांग वाली याचिका पर सुनवाई 17 अप्रैल को
नई दिल्ली, 08 अप्रैल । दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगा मामले में दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई टाल दी है। एडिशनल चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार ने मामले की अगली सुनवाई 17 अप्रैल को करने का आदेश दिया।
आज सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता मोहम्मद इलियास की ओर से पेश वकील सनावर चौधरी और क्षितिज सिंह ने कोर्ट से कहा कि 13 मार्च के आदेश को सेशंस कोर्ट में चुनौती दी गई है। उसके बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई 17 अप्रैल को करने का आदेश दिया।
मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार ने 13 मार्च को कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग खारिज कर दी थी। इसके पहले एडिशनल जुडिशियल मजिस्ट्रेट वैभव चौरसिया ने कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। इस आदेश को कपिल मिश्रा ने सेशंस कोर्ट में चुनौती दी थी। इसके बाद सेशंस कोर्ट ने कपिल मिश्रा की मजिस्ट्रेट कोर्ट की ओर से जांच के आदेश को निरस्त कर दिया था। इस बीच पूर्ववर्ती मजिस्ट्रेट वैभव चौरसिया का ट्रांसफर हो गया। अब ये मामला मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार के समक्ष चल रहा है। इस मामले में शिकायतकर्ता की ओर से साक्ष्य पेश किए जाएंगे।
इसके पहले कड़कड़डूमा कोर्ट ने कहा था कि या तो जांच अधिकारी ने कपिल मिश्रा के खिलाफ कोई जांच नहीं की या उसने कपिल मिश्रा के खिलाफ आरोपों को छिपाने की कोशिश की। कोर्ट ने कहा कि आरोपित कपिल मिश्रा सार्वजनिक व्यक्ति हैं और उनके बारे में ज्यादा जांच की जरुरत है क्योंकि ऐसे लोग जनता के मत को सीधे-सीधे प्रभावित करते हैं। सार्वजनिक जीवन जीने वाले व्यक्ति को संविधान के दायरे में रहने की उम्मीद की जाती है।
कपिल मिश्रा ने 2025 के विधानसभा चुनाव में करावल नगर विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की थी, जिसके बाद दिल्ली सरकार के कानून मंत्री बनाये गए थे।

