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सरकार ने देश में ईंधन की 100 फीसदी आपूर्ति सुनिश्चित की : पेट्रोलियम मंत्रालय

नई दिल्ली, 14 अप्रैल । पश्चिम एशिया में जारी संकट और वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति के बीच केंद्र सरकार ने घरेलू रसोई गैस (एलपीजी), घरेलू पीएनजी और सीएनजी (परिवहन) की 100 फीसदी आपूर्ति सुनिश्चित की है। सरकार ने अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति को प्राथमिकता दिया है। साथ ही प्रवासी श्रमिकों को 5 किलोग्राम एफटीएल की आपूर्ति दोगुनी कर दी है।

पेट्रोलियम एवं नेचुरल गैस मंत्रालय के मुताबिक 23 मार्च से अब तक पांच किलोग्राम के 14.3 लाख से अधिक एफटीएल सिलेंडर की बिक्री की गई है। मार्च से अब तक लगभग 4.40 लाख पीएनजी कनेक्शनों में गैस की आपूर्ति की गई, जबकि 4.88 लाख अतिरिक्त ग्राहकों ने नए कनेक्शनों के लिए पंजीकरण कराया है। देशभर में बंदरगाहों पर संचालन सामान्य रूप से जारी है और किसी भी प्रकार की भीड़भाड़ की सूचना नहीं है। विदेश मंत्री ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर कुवैत, इजराइल, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों के साथ चर्चा की है।

पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि आपूर्ति और मांग दोनों को युक्तिसंगत बनाने के लिए कई उपाय पहले ही लागू कर दिए गए हैं, जिनमें तेलशोधक कारखानों में उत्पादन बढ़ाना, शहरी क्षेत्रों में बुकिंग अंतराल को 21 से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक करना और आपूर्ति के लिए क्षेत्रों को प्राथमिकता देना शामिल है। एलपीजी की मांग पर दबाव कम करने के लिए केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध कराए गए हैं।

मंत्रालय ने कहा कि इसके अलावा कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया और सिंगरेणी कोलियरीज को छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं को वितरण के लिए राज्यों को अतिरिक्त कोयले की आपूर्ति करने का निर्देश दिया है। राज्यों को घरेलू और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए नए पीएनजी कनेक्शन की सुविधा प्रदान करने की सलाह दी गई है। मंत्रालय ने बताया कि एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए देशभर में प्रवर्तन संबंधी कार्रवाइयां भी जारी हैं। 13 अप्रैल को देशभर में 2,950 से अधिक छापे मारे गए हैं।

पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि भारतीय मिशन और दूतावासों की ओर से भारतीय नागरिकों के लिए चौबीसों घंटे हेल्पलाइन और सक्रिय सहायता प्रदान करना जारी है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे घबराहट और जल्दबाजी में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की खरीदारी करने से बचें, क्योंकि सरकार पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

मंत्रालय ने एलपीजी उपभोक्ताओं से अनुरोध किया है कि वे डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग करें और वितरकों के पास जाने से बचें। मंत्रालय ने नागरिकों को वैकल्पिक ईंधन जैसे, पीएनजी और इलेक्ट्रिक या इंडक्शन कुकटॉप का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया है। वर्तमान स्थिति में सभी नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे अपने दैनिक उपयोग के दौरान ऊर्जा की बचत करें।