बीएचयू कृषि विज्ञान संस्थान में दो दिवसीय एग्रो-इंडस्ट्रीज,अकादमिया एवं किसान सम्मेलन 18 अप्रैल से
देश भर से किसान, उद्योग प्रतिनिधि, स्टार्टअप, वैज्ञानिक, शोध संस्थान, विद्यार्थी एवं आमजन की मौजूदगी रहेगी। कृषि उद्योग, किसान और शिक्षा जगत के बीच समन्वय स्थापित करने की दिशा में दूरदर्शी पहल के तहत सम्मेलन में विभिन्न तकनीकी सत्र, पैनल चर्चा, उद्योग प्रस्तुतियां एवं प्रदर्शनी आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही प्रगतिशील किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) तथा उद्योग जगत के बीच सीधा संवाद स्थापित कर उन्हें व्यावसायिक अवसरों से जोड़ने का सफल प्रयास होगा। गुरूवार को यह जानकारी कृषि विज्ञान संस्थान, बीएचयू के निदेशक प्रो. उदय प्रताप सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि यह दो दिवसीय सम्मेलन कृषि क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों, उत्पादों एवं नवाचारों के प्रदर्शन के साथ-साथ ज्ञान एवं अनुभव के आदान-प्रदान का एक सशक्त मंच प्रदान करेगा। सम्मेलन में बीज, उर्वरक, कीटनाशक, कृषि यंत्र, फूड एवं डेयरी प्रोसेसिंग, मुर्गी पालन तथा पशु आहार से जुड़े उद्योगों एवं स्टार्टअप्स की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होगी। प्रतिभागियों को अपने उत्पादों, तकनीकों एवं नवाचारों के प्रदर्शन का अवसर मिलेगा, साथ ही साथ उन्हें विशेष प्रस्तुतीकरण (पिचिंग) के लिए एक सत्र भी प्रदान किया जाएगा, जिसमे वे अपने विचारों, अनुभवों एवं उत्पादों को सीधे किसानों, वैज्ञानिकों एवं निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत कर सकेंगे। सम्मेलन के अंतर्गत उद्योगों एवं स्टार्टअप्स के लिये स्टॉल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न श्रेणियों में स्पॉन्सरशिप के अवसर भी प्रदान किए जाएँगे, जिनके अंतर्गत प्रतिभागियों को विशेष पहचान एवं मंच पर प्रस्तुति का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि 18 अप्रैल को पूर्वांह 09 बजे से शताब्दी कृषि प्रेक्षागृह में उद्घाटन सत्र के बाद प्रदर्शनी भ्रमण, तकनीकी सत्र एवं पैनल चर्चा होगी। इसके अलावा पहले दिन उद्योग प्रस्तुतियां आयोजित होंगी। दूसरे दिन 19 अप्रैल को तकनीकी सत्र में पादप संरक्षण प्रबंधन, मूल्य संवर्धन एवं खाद्य प्रसंस्करण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विषय विशेषज्ञों द्वारा चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि यह मंच कृषि, उद्योग, किसान, अनुसंधान एवं शिक्षा के समन्वय का एक अद्वितीय अवसर प्रदान करेगा, जो न केवल नवाचार को बढ़ावा देगा, बल्कि किसानों की आय वृद्धि एवं कृषि क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

