फतेहाबाद : बीडीपीओ की मनमानी के खिलाफ पंचायत समिति चेयरपर्सन का हल्ला बोल, सरपंचों के साथ धरने पर बैठीं पूजा बरसीन
फतेहाबाद, 27 अप्रैल । खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय में साेमवार काे उस समय माहौल गरमा गया, जब पंचायत समिति चेयरपर्सन पूजा बरसीन के नेतृत्व में दर्जनों सरपंचों और समिति सदस्यों ने अधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बीडीपीओ भजनलाल पर पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने और मनमानी करने के गंभीर आरोप लगाते हुए जनप्रतिनिधियों ने कार्यालय परिसर में ही धरना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि पंचायत समिति के पास करीब डेढ़ करोड़ का बजट है। इसके बावजूद बीडीपीओ पिछले तीन महीने विकास कार्यों को बाधित कर रहे हैं। बता दें कि बीडीपीओ भजनलाल का तबादला सिरसा जिले के बड़ागुढ़ा ब्लॉक में करने को मंजूरी मिल चुकी है। उनके स्थान पर बड़ागुढ़ा के बीडीपीओ सुशील कुमार को फतेहाबाद लगाने की सिफारिश की जा चुकी है। चेयरपर्सन पूजा बरसीन ने बीडीपीओ भजनलाल की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए। धरने को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि बीडीपीओ उनकी अनुपस्थिति में उनकी आधिकारिक कुर्सी पर बैठते हैं, जो एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि के पद का अपमान है। पूजा बरसीन ने बताया कि उनकी बिना अनुमति और सहमति के उनके कार्यालय कक्ष में सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए गए हैं। उन्होंने इसे पूरी तरह अनुचित और उनकी प्राइवेसी में दखलअंदाजी करार दिया। उन्होंने कहा कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लेने के बजाय उन पर निगरानी रखने और उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। यह लोकतंत्र में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस धरने को क्षेत्र के अनेक गांवों के सरपंचों का भी भारी समर्थन मिला। सरपंचों का कहना है कि बीडीपीओ का व्यवहार केवल चेयरपर्सन तक सीमित नहीं है, बल्कि वे गांवों के विकास कार्यों में भी बेवजह बाधाएं उत्पन्न कर रहे हैं। धरने में पंचायत समिति सदस्य ब्रहमजीत, हरभजन काताखेड़ी, सुनील दरियापुर, विजेन्द्र ढाका बनगांव, हनुमान सोनी, सुभाष एमपी तथा अशोक सरपंच ढाणी छतरियां, गुरभेज सिंह सरपंच रजाबाद, परमवीर सिंह सरपंच करनौली, हनुमान सिंह सरपंच धारनियां, गुरनाम सिंह सरपंच सालमखेड़ा, कर्ण सिंह सरपंच हिजरावां, सुरेश कम्बोज सरपंच दरियापुर, दीपक कम्बोज सरपंच हरिपुरा, विकास सरपंच बरसीन, खेमराज सरपंच खान मोहम्मद, गुरदीप सिंह सरपंच काताखेड़ी, सुलखन सिंह सरपंच भीमा बस्ती, महेन्द्र सरपंच अयाल्की आदि मौजूद रहे। धरने पर बैठे प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उच्चाधिकारी इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करते और दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। उनकी मांग है कि जनप्रतिनिधियों के मान-सम्मान को बहाल किया जाए। विकास कार्यों में की जा रही अनावश्यक देरी को बंद किया जाए।

