झांसी के रानीपुर में फिर से जमाएगा वस्त्र उद्योग, योगी सरकार ने क्लस्टर गठन को दी मंजूरी
झांसी, 28 अप्रैल । उत्तर प्रदेश सरकार झांसी के रानीपुर के कपड़ा उद्योग को पुनर्जीवित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। एक जिला एक उत्पाद की राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी ने रानीपुर में वस्त्र उद्योग के लिए क्लस्टर गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। यहां क्लस्टर गठन के साथ ही कॉमन फैसिलिटी सेंटर स्थापित किया जाएगा और इसमें स्पेशल पर्पज व्हीकल तैयार होगा। इस काम पर 3.99 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
एक जिला एक उत्पाद में शामिल झांसी के वस्त्र उद्योग को विकसित करने को लेकर कुछ समय पहले प्रयास शुरू किए गए थे। इस प्रयास के अंतर्गत स्थानीय स्तर पर एक डायग्नोस्टिक स्टडी रिपोर्ट तैयार की गई थी। बुनकरों से बातचीत कर यह जानने की कोशिश हुई थी कि किन समस्याओं के कारण और किन सुविधाओं की कमी से इस काम में दिक्कतें आनी शुरू हुईं। यह रिपोर्ट एक एक्सपर्ट संस्था ने विभिन्न स्टेकहोल्डर्स से बातचीत और बेसलाइन सर्वे कर तैयार की थी। रानीपुर, मऊरानीपुर, उल्दन और आसपास के क्षेत्रों में किसी समय में बुनकरों की बड़ी संख्या हुआ करती थी, लेकिन सुविधाओं, संसाधनों और तकनीक के अभाव में धीरे धीरे ज्यादातर लोग इस काम को छोड़ते चले गए।
अब झांसी के रानीपुर में क्लस्टर गठन को मंजूरी मिलने के बाद रानीपुर क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग के निकट एक गांव में जमीन का चयन किया गया है। स्पेशल पर्पज व्हीकल के लिए 21 बुनकरों का एक समूह चयनित किया गया है। यह समूह एक कंपनी बनाएगी। यह कंपनी रजिस्टर्ड होगी। डीपीआर तैयार करने के बाद यहां भवन निर्माण शुरू होगा। इसके बाद यहां कैलेंडरिंग प्लांट, शटललेस लूम, डाइंग यूनिट, ड्राइंग यूनिट, शोकेस, रॉ मैटेरियल बैंक और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। आसपास के क्षेत्रों के बुनकर निर्धारित दरों पर यहां उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।
झांसी के उपायुक्त उद्योग मनीष चौधरी ने बताया कि झांसी के वस्त्र उद्योग को एक जिला एक उत्पाद में शामिल करने के बाद यहां के वस्त्र उद्योग को फिर से गति देने की प्रक्रिया शुरू हुई है। इसी कड़ी में रानीपुर में कामन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना को लेकर डायग्नोस्टिक स्टडी रिपोर्ट तैयार की गई थी। इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है और अब रानीपुर में स्पेशल पर्पज व्हीकल के माध्यम से एक कंपनी का गठन कर यहां कॉमन फैसिलिटी सेंटर तैयार होगा। यहां वस्त्र उद्योग से जुड़ी अत्याधुनिक सुविधाएं बुनकरों को उपलब्ध कराई जाएंगी।

