स्थाई लोक अदालतों में सदस्यों की भर्ती नहीं होने पर हाईकोर्ट सख्त
जोधपुर, 29 अपै्रल । राजस्थान उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश डॉ। पुष्पेन्द्र सिंह भाटी और न्यायाधीश संदीप शाह की खंडपीठ ने राज्य की छह स्थाई लोक अदालतों में सदस्यों की भर्ती तथा जैसलमेर और डूंगरपुर में न्यायिक कार्यवाही नहीं होने पर आगामी पेशी 13 मई तक राज्य सरकार और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है।
स्वप्रेरित जनहित याचिका में राजस्थान हाइकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन की ओर से आवेदन देकर अधिवक्ता मनीष सिसोदिया और अधिवक्ता अनिल भंडारी ने कहा कि पाली, सिरोही, टोंक, बांसवाड़ा और भीलवाड़ा में सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो गया है तथा उदयपुर में 7 मई को समाप्त हो जाएगा और इनकी भर्ती प्रक्रिया पूर्ण होने में समय लगने को देखते हुए सदस्यों को सेवा विस्तार दिया जाएं। उन्होंने कहा कि रालसा की अनुशंसा के बावजूद राज्य सरकार ने जैसलमेर में सदस्यों की नियुक्ति नहीं की इसलिए वहां पर भी कार्यरत सदस्यों को सेवा विस्तार दिया जाएं। उन्होंने कहा कि डूंगरपुर में अध्यक्ष और सदस्य की नियुक्ति के बावजूद पिछले दो साल से स्थाई लोक अदालत क्रियाशील नहीं है। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश पंवार और रालसा की ओर से अधिवक्ता संदीप पाठक ने पैरवी की। राजस्थान उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने राज्य सरकार और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देश दिए कि स्थाई लोक अदालतों में सदस्यों के खाली पद भरने बाबत सुझाव पेश करें और जैसलमेर और डूंगरपुर की स्थाई लोक अदालत की तथ्यात्मक रिपोर्ट आगामी पेशी 13 मई तक पेश करें।

