व्याख्याता भर्ती में आयोग ने दो साल में बदला अपने ही सवाल का जवाब, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
जयपुर, 05 मई । राजस्थान हाईकोर्ट ने स्कूल व्याख्याता भर्ती- 2024 के एक प्रश्न की गलत जांच करने से जुड़े मामले में प्रमुख शिक्षा सचिव और आरपीएससी सचिव से जवाब तलब किया है। इसके साथ ही अदालत ने भूगोल विषय के व्याख्याता पद पर दी जाने वाली नियुक्तियों को याचिका के निर्णय के अधीन रुखा है। जस्टिस आनंद शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश जसवंत सिंह की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता विजय पाठक ने अदालत को बताया कि आरपीएससी की ओर भूगोल विषय के लिए आयोजित स्कूल व्याख्याता भर्ती-2024 की गत जून माह में हुए लिखित परीक्षा में याचिकाकर्ता शामिल हुआ था। आयोग की ओर से मॉडल उत्तर कुंजी जारी कर प्रश्नों पर आपत्तियां मांगी। जिसमें याचिकाकर्ता ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि प्रश्न संख्या 71 का जवाब आयोग ने विकल्प संख्या 2 को सही माना है, जबकि मान्यता प्राप्त पुस्तकों में इस सवाल का जो जवाब बताया गया है, वह विकल्प संख्या 1 का है। इसके बावजूद भी आयोग की ओर से जारी अंतिम उत्तर कुंजी में विकल्प संख्या 2 के जवाब को ही सही माना गया। जिसे चुनौती देते हुए कहा गया कि इसी सवाल को आयोग ने साल 2022 की स्कूल व्याख्याता भर्ती में पूछा था और उस समय आयोग ने विकल्प संख्या 1 के जवाब को सही माना था। दो साल में आयोग ने अपनी ओर से तय जवाब को ही बदल दिया। याचिका में यह भी कहा गया कि माइनस मार्किंग की इस परीक्षा में याचिकाकर्ता केवल 0.66 अंक से कट ऑफ से बाहर हो गया है। ऐसे में यदि इस सवाल का विकल्प संख्या 1 में बताए जवाब को सही माना जाए तो उसका चयन हो जाएगा। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब करते हुए नियुक्तियों को याचिका के निर्णय के अधीन रखा है।।

