युद्ध थमने की उम्मीद से लुढ़का कच्चा तेल, ब्रेंट क्रूड में मंगलवार के ऊपरी स्तर से ७ प्रतिशत की गिरावट
नई दिल्ली, 06 मई । अमेरिका की ओर से ऑपरेशन एपिक फ्यूरी खत्म करने का ऐलान करने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। आज अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड मंगलवार के ऊपरी स्तर से करीब ७ प्रतिशत फिसल कर 108 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के आसपास कारोबार करता नजर आ रहा है। इसी तरह वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड भी मंगलवार के ऊपरी स्तर से लगभग 2.20 प्रतिशत तक टूट गया है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने व्हाइट हाउस में रिपोर्टर्स को बताया कि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर बमबारी शुरू करने के 66 दिन बाद ऑपरेशन एपिक फ्यूरी खत्म हो गया है, क्योंकि अमेरिका ने इस ऑपरेशन का मकसद हासिल कर लिया है। इसके साथ ही अमेरिका ने पश्चिम एशिया में एक बार फिर एक्टिव युद्ध शुरू होने की उम्मीद को काफी कम बताया। इसी तरह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पोस्ट के जरिए बताया कि होर्मुज स्ट्रेट से जहाज को निकालने की अमेरिकी कोशिश रोक दी जाएगी। हालांकि इसी पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में नेवी की नाकाबंदी जारी रहेगी।
पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में नरमी का रुख बन गया। आज ब्रेंट क्रूड ने 2.12 डॉलर प्रति बैरल की गिरावट के साथ 107.75 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से कारोबार की शुरुआत की। हालांकि थोड़ी देर में ही ब्रेंट उछल कर 108.83 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। भारतीय समय के मुताबिक सुबह ९ बजे तक का कारोबार होने के बाद ब्रेंट क्रूड 108.01 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
इसी तरह वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड ने 2.40 डॉलर प्रति बैरल लुढ़क कर 99.87 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से कारोबार की शुरुआत की। थोड़ी देर में ही यह गिर कर 99.12 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। इसके बाद इसकी चाल में तेजी आ गई। भारतीय समय के मुताबिक सुबह नौ बजे डब्ल्यूटीआई क्रूड 100.39 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया में युद्ध पूरी तरह समाप्त हो जाता है और होर्मुज स्ट्रेट का रास्ता पूरी तरह से खुल भी जाता है, तब भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में बड़ी गिरावट आने की संभावना कम है। टीएनवी फाइनेंशियल सर्विसेज के सीईओ तारकेश्वर नाथ वैष्णव का कहना है कि पश्चिम एशिया में शांति होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत गिरकर 85 से 90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक आ सकती है। हालांकि इसकी कीमत युद्ध शुरू होने के पहले के स्तर तक यानी 60 से 70 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक आने में समय लग सकता है। इसकी एक बड़ी वजह पश्चिम एशिया की जंग के दौरान बमबामी की वजह से हुई ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर की बड़े पैमाने पर हुई तबाही है।
तारकेश्वर नाथ वैष्णव के मुताबिक जंग के दौरान इजरायल ने ईरान के ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर को जमकर निशाना बनाया। इसी तरह जवाबी हमले में ईरान ने भी अमेरिका के सहयोगी माने जाने वाले खाड़ी के कई देशों पर हमला कर उनके ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर को काफी नुकसान पहुंचा। इसकी वजह से खाड़ी देशों से होने वाली कच्चे तेल की आपूर्ति आने वाले दिनों में भी काफी हद तक बाधित रहने वाली है। एक बार ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर के पहले की तरह तैयार हो जाने के बाद ही दुनिया भर में कच्चे तेल की आपूर्ति सामान्य हो सकेगी और तभी अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत युद्ध शुरू होने के पहले के स्तर तक आ सकेगी।

