Uttarakhand

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में भारत-चीन सीमा व्यापार को लेकर तैयारियां तेज

पिथौरागढ़, 23 मई । भारत-चीन अंतरराष्ट्रीय सीमा व्यापार को पुनः गति देने की दिशा में उत्तराखंड प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आगामी एक जून 2026 से प्रस्तावित सीमा व्यापार संचालन को लेकर पिथौरागढ़ जिलाधिकारी आशीष भटगांई की अध्यक्षता में शनिवार को जिला मुख्यालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें सुरक्षा, आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य सेवाओं और व्यापारिक सुविधाओं को लेकर विस्तृत रणनीति पर चर्चा हुई।

सीमांत क्षेत्र गुंजी से लेकर धारचूला तक प्रशासनिक मशीनरी को सक्रिय करते हुए मोटर मार्गों और पैदल रास्तों की स्थिति, अस्थायी ट्रेड कार्यालयों की स्थापना, संचार नेटवर्क, परिवहन व्यवस्था और व्यापारियों के लिए जरूरी सुविधाओं का जायजा लिया गया। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि सीमा व्यापार शुरू होने से पहले प्रत्येक व्यवस्था तय समय-सीमा में पूरी की जाए, ताकि व्यापारियों और यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

बैठक में गुंजी स्थित भारतीय स्टेट बैंक में बैंकिंग सेवाओं को मजबूत करने, कस्टम चौकी स्थापित करने, आवश्यक स्टाफ की तैनाती और व्यापारियों के लिए शौचालय एवं आवासीय सुविधाएं सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही पुलिस और भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के सहयोग से सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई।

अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह ने बताया कि शासन स्तर पर धारचूला और गुंजी में अस्थायी व्यापार एवं कस्टम कार्यालय स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है। बॉर्डर ट्रेड पास जारी करने के लिए विदेश मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा जा चुका है, जबकि बजट आवंटन के लिए शासन को मांग प्रेषित की गई है। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी धारचूला को व्यापारियों से आवेदन लेने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने कहा कि भारत-चीन सीमा व्यापार केवल पारंपरिक व्यापारिक गतिविधि नहीं, बल्कि सीमांत क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था, स्थानीय रोजगार और सामरिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करते हुए सुरक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष सिंह नबियाल, उपजिलाधिकारी सदर जितेंद्र वर्मा, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. योगेश शर्मा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।