Himachal Pradesh

हिमाचल में वेतन स्थगन की अधिसूचना वापस, 65-70 वर्ष के पेंशनरों को अगले महीने मिलेगा एरियर

शिमला, 07 जून । हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने वेतन स्थगन से जुड़े अपने फैसले में बड़ा बदलाव किया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने रविवार को वित्त विभाग की समीक्षा बैठक में निर्देश दिए हैं कि वेतन स्थगन संबंधी अधिसूचना अब केवल मुख्यमंत्री पर ही लागू रहेगी, जबकि अन्य सभी के लिए इसे वापस लिया जाएगा। साथ ही 65 से 70 वर्ष आयु वर्ग के पेंशनभोगियों के लंबित एरियर का भुगतान अगले महीने करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि मुख्यमंत्री ने मार्च 2026 में विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते समय राज्य की वित्तीय चुनौतियों का हवाला देते हुए स्वयं, मंत्रियों, विधायकों, उच्च अधिकारियों के वेतन का कुछ हिस्सा अस्थायी रूप से स्थगित करने की घोषणा की थी। इसके बाद सरकार ने इस संबंध में अधिसूचना भी जारी की थी।

बाद में 15 अप्रैल को हिमाचल दिवस के राज्य स्तरीय समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों को राहत देते हुए उनके लिए लागू तीन प्रतिशत वेतन स्थगन को वापस लेने की घोषणा की थी। अब सरकार ने इस व्यवस्था को और सीमित करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि वेतन स्थगन की अधिसूचना केवल मुख्यमंत्री पर ही लागू रहेगी और अन्य सभी के लिए इसे समाप्त कर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि स्थगित वेतन की राशि अगले महीने पूर्ण वेतन के साथ जारी कर दी जाएगी।

वित्त विभाग की उच्च स्तरीय बैठक में राज्य की आर्थिक स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार की नीतियों और लगातार किए गए प्रयासों से प्रदेश की वित्तीय स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने दावा किया कि पूर्व सरकार की कुछ नीतियों में सुधार करने और राजस्व बढ़ाने के उपायों से राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है तथा हिमाचल आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग को 65 से 70 वर्ष आयु वर्ग के सभी पेंशनभोगियों के लंबित एरियर जारी करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इन पेंशनरों का बकाया एरियर अगले महीने जारी किया जाएगा और इसके लिए आवश्यक धनराशि राज्य सरकार उपलब्ध करवाएगी। लंबे समय से एरियर का इंतजार कर रहे हजारों पेंशनभोगियों के लिए इसे राहत भरा फैसला माना जा रहा है।

कर्मचारियों के लंबित एरियर और महंगाई भत्ते के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी कर्मचारी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ हैं और सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने कर्मचारियों की सामाजिक और वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को बहाल किया है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ओपीएस बहाल करने के बाद केंद्र सरकार ने राज्य को मिलने वाली करीब 1,200 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता रोक दी। उनके अनुसार यदि यह सहायता जारी रहती तो राज्य सरकार कर्मचारियों के लंबित एरियर के भुगतान की बेहतर स्थिति में होती। इसके बावजूद सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों से जुड़े मामलों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर रही है।