जगमोहन सिंह राजू ने पंजाब भाजपा महासचिव पद से दिया इस्तीफा
अध्यक्ष पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा था।
संगठन
महामंत्री मंथरी श्रीनिवासुलु को लिखे पत्र में राजू ने कहा कि पिछले चार वर्षों
के दौरान उन्हें भाजपा में प्रदेश उपाध्यक्ष और महासचिव के रूप में कार्य करने का
अवसर मिला। उन्होंने इस अवधि को अपने राजनीतिक जीवन के सबसे महत्वपूर्ण और सीख
देने वाले दौरों में से एक बताया।अपने इस्तीफे के पीछे
का कारण बताते हुए राजू ने कहा कि वह अब कई महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों पर अधिक
समय देना चाहते हैं। इनमें अमृतसर को होली सिटी का दर्जा दिलाने की मांग, युवाओं की शिक्षा, शिक्षा का अधिकार
कानून के तहत गरीब बच्चों के अधिकारों की रक्षा, अनुसूचित जातियों और
सिख समुदाय के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा, धर्मांतरण, नशे के खिलाफ अभियान, पंजाबी भाषा को
बढ़ावा देना तथा पंजाब के पानी और चंडीगढ़ से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इन
विषयों पर जनजागरण, शोध, लेखन, कानूनी हस्तक्षेप और जनसंपर्क अभियानों के माध्यम से काम करने
की योजना है। ऐसे कार्यों के लिए व्यापक समय, यात्राएं और निरंतर
सक्रियता की आवश्यकता होगी। इसलिए वह फिलहाल किसी बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी से
मुक्त रहना चाहते हैं।
डॉ. जगमोहन सिंह राजू
कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के जज बिजनेस स्कूल में विजिटिंग फेलो और पंजाब
विश्वविद्यालय में विजिटिंग प्रोफेसर भी हैं। उनका इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब
पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति को लेकर
सवाल उठा चुके हैं। ऐसे में यह घटनाक्रम 2027 के विधानसभा
चुनावों से पहले पंजाब भाजपा में अंदरूनी असंतोष के संकेत के रूप में देखा जा रहा
है।

