Delhi

तीन भाषा नीति पर अंतरिम रोक नहीं, सीबीएसई और केंद्र को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

नई दिल्ली, 18 जून । उच्चतम न्यायालय ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की नई तीन भाषा नीति को चुनौती देने वाली नई याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और सीबीएसई को नोटिस जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली वेकेशन बेंच ने नोटिस जारी किया। हालांकि, कोर्ट ने तीन भाषा शिक्षा नीति पर कोई भी अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया। मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई को होगी।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि इस मामले पर पहले की विस्तार से बहस हो चुकी है, इसलिए अभी किसी भी तरह का अंतरिम आदेश जारी नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने इस याचिका को ऐसी ही दूसरी याचिकाओं के साथ सुनवाई करने के लिए टैग कर दिया। नई याचिका फ्रेंड्स ऑफ पीपल फॉर एक्टिव डेमोक्रेसी नामक एनजीओ ने दायर की है।

इसक पहले उच्चतम न्यायालय ने 27 मई को छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र और सीबीएसई को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। याचिका में कहा गया है कि सीबीएसई की नई तीन भाषा नीति में नौंवी कक्षा से दो और भाषाओं को पढ़ना अनिवार्य बनाया गया है। इन तीन भाषाओं में दो भारतीय भाषाओं का अध्ययन करना जरुरी है। याचिका में कहा गया है कि अचानक कक्षा नौ के छात्रों को दो अतिरिक्त भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य करना उनकी दसवीं बोर्ड की तैयारी प्रभावित कर सकता है। वे अचानक दो भाषाएं कैसे सीख जाएंगे और दसवीं में उनकी परीक्षा देंगे। इससे छात्रों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। ये नीति एक जुलाई से प्रभावी होगी।

याचिका में कहा गया है कि सीबीएसई ने सभी हितधारकों से उचित परामर्श किए बिना ही रातों-रात बदलाव कर दिया। तीन भाषाओं में अगर कोई छात्र विदेशी भाषा यानि फ्रेंच, जर्मन या दूसरी विदेशी भाषा पढ़ना चाहता है तो उसे तीसरी भाषा के रुप में ही इसे चुनना होगा।