Rajasthan

सब्सिडी सरकारी योजना के तहत दी जाने वाली विशेष रियायत, अधिकार के रूप में नहीं मांगी जा सकती-आयोग

जयपुर, 18 जून । राज्य उपभोक्ता आयोग ने एक मामले में कहा है कि सब्सिडी सरकारी योजना के अंतर्गत दी जाने वाली विशेष रियायत होती है। इसे अधिकार के स्वरूप नहीं मांगा जा सकता। वहीं ऐसे मामले में व्यक्ति को उपभोक्ता की श्रेणी में भी नहीं माना जा सकता। इसके साथ ही आयोग ने प्रधानमंत्री आवास योजना की सब्सिडी के भुगतान से जुडे मामले में जिला उपभोक्ता आयोग, जयपुर द्वितीय की ओर से दिए आदेश को निरस्त कर दिया है। आयोग अध्यक्ष देवेन्द्र कच्छावा और सदस्य करुणा जैन की पीठ ने यह आदेश नेशनल हाउसिंग बैंक व अन्य की ओर से दायर अपील पर सुनवाई करते हुए दिए।

अपील में अधिवक्ता आरके शर्मा ने आयोग को बताया कि परिवादी को फ्लैट खरीदने के लिए लोन स्वीकृत किया गया था। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना की ईडब्ल्यूएस श्रेणी में तीन लाख या उससे कम आय वाले व्यक्ति तीस वर्ग मीटर तक के आवास खरीदने के अधिकारी है। इस संबंध में परिवादी को जानकारी दी गई थी। परिवादी ने 70 वर्ग मीटर की संपत्ति खरीदी थी। इसलिए वह इस स्कीम के तहत सब्सिडी प्राप्त करने की अधिकारी नहीं थी। परिवादी से स्कीम की गाइडलाइन के अनुसार मांगे गए दस्तावेज भी नहीं दिए गए थे। अपील में यह भी कहा गया कि सब्सिडी सेवा नहीं होने और इसके बदले सेवा शुल्क नहीं लेने के कारण व्यक्ति उपभोक्ता की श्रेणी में भी नहीं आता। ऐसे में जिला आयोग ने सब्सिडी राशि और क्षतिपूर्ति के तौर पर एक लाख रुपए का हर्जाना गलत लगाया है। जिसे रद्द किया जाए। गौरतलब है कि पूजा डाबला ने साल 2019 में फ्लैट खरीदने के लिए 18.93 लाख रुपये का होम लोन लिया था। उसने जिला आयोग में परिवाद पेश कर दावा किया की इस दौरान उसे कंपनी ने पीएमएवाई सब्सिडी के 2.67 लाख रुपए देने का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में सब्सिडी खाते में जमा नहीं की गई।