यमुना जल समझौता 32 साल पुराने विवाद का ऐतिहासिक समाधान: रामराजी शर्मा
चंडीगढ़, 30 जून । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता रामराजी शर्मा ने हरियाणा और राजस्थान के बीच यमुना जल बंटवारे को लेकर हुए समझौते का स्वागत करते हुए इसे 32 वर्ष पुराने विवाद का ऐतिहासिक समाधान बताया है। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी में हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) ने लंबे समय से लंबित मुद्दे को नई दिशा दी है।
शर्मा के अनुसार यह केवल जल बंटवारे का समझौता नहीं, बल्कि दोनों राज्यों के सहयोग, बेहतर जल प्रबंधन और किसानों व आम लोगों के हितों से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्णय है।
रामराजी शर्मा ने एक बयान में कहा कि यह समझौता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की उपस्थिति में संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘टीम इंडिया’ के विजन और जल संसाधनों के न्यायसंगत उपयोग की नीति के कारण वर्षों से लंबित यह मामला सुलझ सका है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि मानसून के दौरान जुलाई से अक्टूबर तक यमुना का जो अतिरिक्त पानी अब तक उपयोग में नहीं आ पाता था, उसका इस्तेमाल अब राजस्थान में पेयजल उपलब्ध कराने और सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। इससे जल संकट वाले क्षेत्रों को राहत मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1994 के समझौते के अनुरूप राजस्थान के हिस्से का पानी खुली नहर के बजाय पाइपलाइन के माध्यम से पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। उनका कहना था कि इससे पानी की बर्बादी कम होगी और जल का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।
रामराजी शर्मा ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय वर्षों तक लंबित रहे इस मुद्दे को भाजपा की डबल इंजन सरकार ने आगे बढ़ाकर अमलीजामा पहनाया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा और राजस्थान के बीच बेहतर समन्वय से यह समझौता संभव हुआ है और भविष्य में भी जनहित से जुड़े ऐसे फैसले प्राथमिकता के आधार पर लिए जाते रहेंगे।

