Delhi

सिख-विरोधी दंगा मामले में नहीं दर्ज हुए गवाह के बयान, अगली सुनवाई 15 जुलाई को

नई दिल्ली, 01 जुलाई । राऊज एवेन्यू कोर्ट में बुधवार काे 1984 सिख विरोधी दंगों से जुड़े पुलबंगश गुरुद्वारा हिंसा के आरोपित जगदीश टाइटलर के खिलाफ दर्ज मामले में एक भी गवाह के बयान दर्ज नहीं किए जा सके। स्पेशल जज जीतेंद्र सिंह ने मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई को करने का आदेश दिया।

इस मामले में गवाह हरिभूषण शर्मा के बयान आज दर्ज होने थे। कोर्ट को सूचित किया गया कि हरिभूषण शर्मा को पार्किंसन की बीमारी है और वे बेड पर हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के वकील ने कहा कि हरिभूषण शर्मा के खराब स्वास्थ्य की वजह से उनका बयान दर्ज नहीं कराया जा सकता। इसके पहले 25 मई को कोर्ट को बताया गया था कि हरिभूषण शर्मा दिल्ली छोड़कर इंदौर चले गए हैं। सीबीआई ने हरिभूषण शर्मा को इंदौर के पते पर समन तामील कराने का आग्रह किया था जिसके बाद कोर्ट इंदौर पते पर समन जारी किया गया था।

इसके पहले 12 मई को दिल्ली पुलिस के पूर्व कमिश्नर संजय अरोड़ा का बयान दर्ज किया गया था। 12 जुलाई, 2025 को गवाह हरपाल कौर बेदी के बयान दर्ज किए गए थे। हरपाल कौर बेदी ने आरोपित जगदीश टाइटलर की कोर्ट में पहचान की थी। हरपाल कौर बेदी ने कहा था कि जगदीश टाइटलर की ओर से जान से मारने की धमकियां मिली, जिसकी शिकायत उन्होंने पुलिस से की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

हरपाल कौर ने घटना वाले दिन का वाकया बताते हुए कहा था कि पुलबंगश गुरुद्वारे पर जगदीश टाइटलर आया और उसने भीड़ को उकसाया। टाइटलर के उकसाने के बाद भीड़ ने गुरुद्वारा जलाया और तीन सिखों को मार डाला। इस मामले की शिकायतकर्ता लखविंदर कौर ने अपने बयान में कहा था कि ग्रंथी सुरेंद्र सिंह ने उन्हें बताया कि उनके पति बादल सिंह को गुरुद्वारा पुलबंगश के पास भीड़ ने हत्या कर दी। जगदीश टाइटलर उस भीड़ को उकसा रहे थे।

कोर्ट ने 4 अगस्त, 2023 को जगदीश टाइटलर को अग्रिम जमानत दी थी। कोर्ट ने 26 जुलाई, 2023 को जगदीश टाइटलर के खिलाफ दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। सीबीआई ने इस मामले में टाइटलर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 109 और 302 के तहत लगाया है। सीबीआई के मुताबिक टाइटलर ने भीड़ को उकसाया था, जिसके बाद भीड़ ने पुलबंगश के गुरुद्वारे में आग लगा दी थी।