संपत्ति का समाजहित में समर्पण सबसे बड़ी विरासत : प्रो. योगेश सिंह
नई दिल्ली, 17 जुलाई । दिल्ली विश्वविद्यालय फाउंडेशन ने फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (एफएमएस) में रीटा भार्गव मुखर्जी मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट के सम्मान में स्मृति पट्टिका का अनावरण किया। ट्रस्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय की विशिष्ट पूर्व छात्रा एवं एफएमएस की पूर्व प्राध्यापिका स्वर्गीय रीटा भार्गव मुखर्जी की स्मृति में एफएमएस के न्यू एक्सटेंशन भवन में एक तल के निर्माण के लिए वित्तीय सहयोग प्रदान किया है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि “संपत्ति का संचय करने से कहीं अधिक महान कार्य उसका समाजहित में समर्पण है।” उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में किया गया योगदान सबसे मूल्यवान और स्थायी होता है तथा इससे आने वाली पीढ़ियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन संभव होता है। उन्होंने ट्रस्ट के इस सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक पहल बताया।
इस अवसर पर रीटा भार्गव मुखर्जी मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से उदयन मुखर्जी ने स्वर्गीय रीटा भार्गव मुखर्जी के व्यक्तित्व और शिक्षा के प्रति उनके समर्पण को याद किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय ने उनके जीवन और परोपकार की भावना को गहराई से प्रभावित किया। उन्होंने ट्रस्ट के अन्य सदस्यों आर.के. नरूला, पी.के. कत्याल तथा एफएमएस की पूर्व छात्रा रूमा मुखर्जी के योगदान का भी उल्लेख किया।
दिल्ली विश्वविद्यालय फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. अनिल कुमार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि ट्रस्ट का सहयोग उच्च शिक्षा और शैक्षणिक अवसंरचना के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय समाज और शिक्षा जगत के बीच सार्थक साझेदारी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम के अंत में एफएमएस के अधिष्ठाता प्रो. ए. वेंकट रमन ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए विश्वविद्यालय नेतृत्व, अभियंत्रण विभाग तथा परियोजना से जुड़े सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
समारोह में कुलसचिव डॉ. विकास गुप्ता, ट्रस्ट के न्यासी उदयन मुखर्जी सहित विश्वविद्यालय के अनेक वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षाविद् और विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

