हरियाणा की नई उड़ान : 15 लाख एमएसएमई बनेंगे आर्थिक विकास के नए इंजन
चंडीगढ़, 10 अगस्त । हरियाणा के सातवें दशक में प्रवेश के साथ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य के 15 लाख एमएसएमई (सूक्ष्म,लघु और मध्यम उद्यमों) को आर्थिक विकास के अगले चरण का प्रमुख आधार बनाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने इसके लिए हरियाणा प्रगतिशील एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन नीति-2026के तहत पांच वर्ष का रोडमैप तैयार किया है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को करनाल में हरियाणा प्रगतिशील एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन नीति-2026 नीति को लॉन्च किया। इसका लक्ष्य55,000करोड़ रुपये से अधिक का विनिर्माण निवेश आकर्षित करना, 5लाख से अधिक नए रोजगार पैदा करना और वर्ष2031तक हरियाणा के निर्यात को दोगुना करना है।
नीति में वित्त, औद्योगिक ढांचा, तकनीक, नवाचार, निर्यात, स्थिरता और कौशल विकास सहित 60 महत्वपूर्ण पहल शामिल की गई हैं। सरकार का जोर केवल नए उद्योग लगाने पर नहीं, बल्कि पहले से चल रहे उद्योगों को बढ़ाने, आधुनिक बनाने और देश-विदेश के बाजारों में प्रतिस्पर्धी बनाने पर भी है।
नीति के तहत समर्पित एमएसएमई निदेशालय स्थापित किया जाएगा। इसका उद्देश्य राज्य के विशाल एमएसएमई क्षेत्र को एक जगह से संस्थागत सहायता देना और उद्योगों के विकास के लिए मजबूत व्यवस्था तैयार करना है। यह निदेशालय निवेश,नई तकनीक अपनाने,वित्त तक पहुंच,बुनियादी ढांचे और बाजार उपलब्ध कराने में एमएसएमई की मदद करेगा। नई नीति का फोकस केवल नए उद्योग शुरू कराने तक सीमित नहीं है। मौजूदा उद्योगों के विस्तार,आधुनिकीकरण और मूल्य श्रृंखला में ऊपर उठने के लिए भी सहायता दी जाएगी। हरियाणा उद्यम विकास मिशन के तहत प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में एमएसएमई को पूंजी निवेश सब्सिडी,ब्याज सब्सिडी,स्टांप ड्यूटी की प्रतिपूर्ति, रोजगार सृजन सहायता, बीमा सहायता तथा परीक्षण, स्वचालन,कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अनुसंधान एवं विकास के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। वित्त तक पहुंच आसान बनाने और बिना जमानत ऋण को बढ़ावा देने के लिए राज्य वेंचर कैपिटल फंड और सेक्टोरल क्रेडिट गारंटी फंड भी प्रस्तावित किए गए हैं।
2031 तक निर्यात दोगुना करने का लक्ष्य:
हरियाणा के सातवें दशक में प्रवेश के साथ शुरू किया गया यह 60 पहलों वाला पांच वर्षीय रोडमैप राज्य में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी उद्योगों की नई पीढ़ी तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम है। सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 55,000 करोड़ रुपये से अधिक का विनिर्माण निवेश, 5 लाख से अधिक नए रोजगार और 2031 तक निर्यात को दोगुना करना है। इसके माध्यम से हरियाणा को एक मजबूत विनिर्माण और निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने तथा विकसित भारत-2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य में राज्य की भूमिका को और मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
एआई आधारित‘हरियाणा उद्योग साथी’लॉन्च:
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उद्योगों को सरकारी योजनाओं और प्रोत्साहनों की जानकारी आसानी से उपलब्ध कराने के लिए एआई आधारित बहुभाषी ‘हरियाणा उद्योग साथी’ भी लॉन्च किया है। इस माध्यम से उद्यमी प्रोत्साहनों, पात्रता, जरूरी दस्तावेजों और आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी आवाज या टेक्स्ट के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे। यह प्लेटफॉर्म हिंदी, अंग्रेजी, हिंग्लिश, हरियाणवी और पंजाबी में सहायता देगा। ‘हरियाणा उद्योग साथी’ के दायरे में हरियाणा प्रगतिशील एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन नीति-2026 तथा हरियाणा कृषि-व्यवसाय एवं खाद्य प्रसंस्करण नीति-2026 भी शामिल हैं।

