67 लाख की ड्रग के साथ तस्कर गिरफ्तार
जयपुर, 27 अगस्त । नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने जोधपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 किलो 231 ग्राम अवैध एमडी बरामद की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 67 लाख रुपए आंकी गई है। टीम ने मादक पदार्थ की तस्करी में इस्तेमाल कार जब्त कर फलोदी निवासी 31 वर्षीय रामपाल धतरवाल को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक पूछताछ में मध्यप्रदेश से तैयार एमडी लाकर राजस्थान के मारवाड़ क्षेत्र में सप्लाई करने वाले नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
महानिरीक्षक पुलिस एएनटीएफ विकास कुमार ने बताया कि कार्रवाई महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा और अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एमएन के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में एएनटीएफ के साथ पुलिस थाना कापरड़ा, जोधपुर ग्रामीण की टीम की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एएनटीएफ को सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध स्विफ्ट कार जोधपुर-जयपुर हाईवे एनएच-25 से बिनावास टोल की ओर आ रही है। सूचना के बाद टीम ने दो हिस्सों में निगरानी शुरू की। एक टीम टोल पर तैनात रही, जबकि दूसरी ने टोल से पहले मोर्चा संभाला।
कुछ देर बाद सूचना के अनुसार संदिग्ध कार दिखाई दी। टीम ने उसका पीछा कर टोल पर मौजूद टीम को सूचना दी। बिनावास टोल के पास कार की घेराबंदी कर उसे रुकवाया गया। स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में कार की तलाशी लेने पर 2 किलो 231 ग्राम एमडी बरामद हुई। पुलिस ने कार आरजे 19 सीक्यू 0674 और मादक पदार्थ जब्त कर आरोपी रामपाल को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी बीएससी और जीएनएम की पढ़ाई कर चुका है। उसने कुछ समय तक यश अमन हॉस्पिटल और होम केयर में नौकरी भी की। पुलिस के अनुसार अधिक पैसा कमाने और अपने शौक पूरे करने के लालच में वह मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ गया।
वर्ष 2018 में मध्यप्रदेश से डोडा पोस्त लेकर मारवाड़ की ओर आते समय कोटा के आरके पुरम थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। इस मामले में उसे सजा हुई थी। करीब छह साल आठ महीने बाद दिसंबर 2024 में वह जमानत पर जेल से बाहर आया।
जेल से बाहर आने के बाद रामपाल ने एक रिश्तेदार के साथ दोबारा डोडा पोस्त की तस्करी शुरू कर दी। वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश पुलिस ने उसके रिश्तेदार को ट्रैक्टर-टैंकर के जरिए बड़ी मात्रा में डोडा पोस्त की सप्लाई के मामले में गिरफ्तार किया था। जांच में रामपाल का नाम भी सामने आया, जिसके बाद वह फरार हो गया।
करीब एक वर्ष तक फरार रहने के दौरान आर्थिक तंगी आने पर उसने डोडा पोस्त की तस्करी छोड़कर एमडी की तस्करी शुरू कर दी।
एएनटीएफ की पूछताछ में आरोपी के मध्यप्रदेश के तस्करों से संपर्क होने की बात सामने आई है। जांच के अनुसार वह जोधपुर क्षेत्र से एमडी तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला आवश्यक कच्चा माल और केमिकल मध्यप्रदेश में मौजूद तस्करों तक पहुंचाता था। इसके बदले उसे तैयार एमडी मिलती थी, जिसे वह राजस्थान के मारवाड़ क्षेत्र में सप्लाई करता था। आरोपी से पूछताछ के आधार पर एएनटीएफ ने तस्करी नेटवर्क से जुड़े संदिग्धों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। टीम यह पता लगाने में लगी है कि मध्यप्रदेश से एमडी की आपूर्ति कौन कर रहा था, निर्माण के लिए कच्चा माल और केमिकल कहां से उपलब्ध कराया जा रहा था और राजस्थान में तैयार एमडी किन-किन तस्करों तक पहुंचाई जाती थी।
एएनटीएफ आरोपी के संपर्कों और सप्लाई चैन की कड़ियां जोड़कर एमडी के निर्माण, परिवहन और वितरण से जुड़े पूरे नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका भी जांची जा रही है।

