रक्षाबंधन पर हिमाचल में महिलाओं का एचआरटीसी बसों में मुफ्त सफर, दिनभर बसों में रही भारी भीड़
शिमला, 28 अगस्त । रक्षाबंधन के मौके पर शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश में बहनों के लिए एचआरटीसी बसों का सफर मुफ्त रहा। सूर्यास्त तक महिलाओं से बस किराया नहीं लिया गया। भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए घर से निकली महिलाओं ने इस सुविधा का जमकर लाभ उठाया। प्रदेशभर में सुबह से लेकर शाम तक हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बसों में महिलाओं की भीड़ देखने को मिली।
शिमला समेत प्रदेश के अलग-अलग बस अड्डों और प्रमुख मार्गों पर महिलाओं की आवाजाही सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक रही। लांग रूट की एचआरटीसी बसों में भी बड़ी संख्या में महिलाएं सफर करती नजर आईं। शिमला शहर के लोकल रूटों पर चलने वाली बसों में भी महिलाओं की अच्छी-खासी भीड़ रही। कई बसों में सीटें भर जाने के बाद यात्रियों को खड़े होकर सफर करना पड़ा।
रक्षाबंधन के लिए दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में बहनें सुबह ही घरों से निकल पड़ीं। कई महिलाएं अपने भाइयों के घर पहुंचने के लिए एचआरटीसी की बसों में सवार हुईं। निशुल्क यात्रा की सुविधा से महिलाओं का सफर आसान हुआ और उनमें उत्साह भी नजर आया। बस अड्डों पर सुबह से ही महिलाओं की भीड़ देखी गई।
इस बार रक्षाबंधन के मौके पर सरकार ने महिला कर्मचारियों के साथ पुरुष कर्मचारियों को भी अवकाश दिया था। छुट्टी होने के कारण परिवारों के बीच रक्षाबंधन मनाने के लिए आवाजाही बढ़ी। महिलाओं ने एचआरटीसी की मुफ्त यात्रा सुविधा का लाभ उठाते हुए अपने भाइयों के घर पहुंचकर राखी बांधी।
रक्षाबंधन के दिन एचआरटीसी बसों में महिलाओं की संख्या बढ़ने का असर निजी बसों पर भी नजर आया। कई रूटों पर निजी बसें एचआरटीसी बसों की तुलना में अपेक्षाकृत खाली दिखाई दीं। यात्रियों की अधिक संख्या के कारण एचआरटीसी की कई बसों में पूरे दिन आवाजाही बनी रही।
महिलाओं की भीड़ को देखते हुए निगम प्रबंधन ने चालक-परिचालकों को हर स्टापेज पर बस रोकने के निर्देश दिए थे। इसका उद्देश्य यह था कि महिला यात्रियों को बस पकड़ने में परेशानी न हो और वे अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।
एचआरटीसी के एक अधिकारी ने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर निगम के सभी निर्धारित रूटों पर नियमित बसें चलाई गईं। कोई भी रूट बंद नहीं किया गया। निगम की तीन हजार से अधिक बसें हिमाचल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के साथ बाहरी राज्यों के लिए भी संचालित होती हैं। इन बसों में भी महिलाओं ने मुफ्त यात्रा की सुविधा का लाभ उठाया।

