अनूपपुर: एक सप्ताह की रिमझिम बारिश से अमरकंटक हुआ तरबतर
अनूपपुर, 03 सितंबर । मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले की धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में बीते एक सप्ताह से रिमझिम बारिश का दौर गुरूवार को भी जारी है। कभी हल्की फुहार, कभी मध्यम वर्षा तो कभी गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने से अमरकंटक की धरती पूरी तरह तरबतर हो उठी है। लगातार वर्षा और बादलों की आवाजाही के बीच पवित्र नगरी इन दिनों प्रकृति के मनोहारी वर्षाकालीन रूप में नजर आ रही है।
बीते एक सप्ताह से नीले आसमान पर काले बादलों का डेरा बना हुआ है। आसमान में स्वच्छंद विचरण करते बादल कभी पहाड़ियों को घेर लेते हैं तो कभी अचानक घना कोहरा उतर आता है। बारिश की फुहारों और कोहरे ने अमरकंटक के वातावरण में एक अलग ही प्राकृतिक सौंदर्य घोल दिया है। चारों ओर हरियाली निखर उठी है और पहाड़ियां बादलों की धुंध में लिपटी दिखाई दे रही हैं।
यातायात पर भी पड़ा असर
अमरकंटक निवासी धंनजय तिवारी ने बताया कि लगातार बारिश का असर अमरकंटक के आवागमन पर भी दिखाई दे रहा है। बारिश के दौरान सड़कों पर फिसलन बढ़ने तथा कई स्थानों पर पानी और कीचड़ जमा होने से वाहन चालकों को सावधानीपूर्वक आवागमन करना पड़ रहा है। घने कोहरे और बारिश के कारण दृश्यता प्रभावित होने से विशेषकर सुबह और शाम के समय वाहन चालकों की परेशानी बढ़ जाती है। लगातार खराब मौसम के चलते स्थानीय एवं बाहरी यात्रियों का आवागमन भी प्रभावित हो रहा है।
मजदूरों और रोजगार पर संकट
तिवारी ने बताया कि वर्षा का सबसे अधिक असर दैनिक मजदूरी पर निर्भर गरीब एवं मजदूर वर्ग पर पड़ रहा है। लगातार बारिश के कारण कई मजदूर काम पर नहीं जा पा रहे हैं, वहीं निर्माण कार्य, भवन निर्माण, सड़क एवं अन्य खुले में होने वाले काम भी प्रभावित हो रहे हैं। रोज कमाकर परिवार का भरण-पोषण करने वाले मजदूरों को काम नहीं मिलने से आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर होने वाले कई छोटे-मोटे रोजगार और खुले में संचालित कार्य भी प्रभावित हुए हैं। मौसम खराब रहने से कामकाज की गति धीमी हो गई है। मजदूरों और छोटे कामगारों को रोजगार के लिए मौसम साफ होने का इंतजार करना पड़ रहा है। यदि वर्षा का दौर इसी तरह जारी रहा तो दैनिक रोजगार पर निर्भर परिवारों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
सूर्यदेव के दर्शन नहीं, बढ़ी ठंडक
लगातार वर्षा के चलते पवित्र नगरी का मौसम काफी ठंडा हो गया है। लगभग एक सप्ताह से भगवान सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो पाए हैं। दिनभर बादलों के छाए रहने से धूप का अभाव बना हुआ है, जिसके कारण वातावरण में नमी बढ़ गई है। घरों में गीले कपड़े आसानी से सूख नहीं पा रहे हैं और लोगों को नमी तथा ठंडक के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
तापमान में मामूली अंतर
अमरकंटक में लगातार बादल और वर्षा के कारण अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान के बीच भी मामूली अंतर बना हुआ है। गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को यहां अधिकतम तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में महज तीन डिग्री सेल्सियस के अंतर के कारण दिन और रात दोनों समय ठंडक का अहसास बना रहा।
बारिश के बीच अमरकंटक की वादियां, घने जंगल, पहाड़ियां और धार्मिक स्थल बादलों एवं कोहरे की धुंध में ढके हुए हैं। वर्षा की बूंदों से धुली हरियाली और ठंडी हवाएं पवित्र नगरी के प्राकृतिक सौंदर्य को और निखार रही हैं। एक ओर जहां वर्षा ने अमरकंटक की प्राकृतिक छटा को मनोहारी बना दिया है, वहीं दूसरी ओर लगातार बारिश से यातायात, दैनिक रोजगार और आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।

