Haryana

फतेहाबाद में अनुसंधान अधिकारियों की स्पेशल ट्रेनिंग, बरामदगी से सजा दिलाने तक की प्रक्रिया समझाई

फतेहाबाद, 14 सितंबर । पुलिस लाइन फतेहाबाद में सोमवार को जिलेभर से आए पुलिस अधिकारियों एवं अनुसंधानकर्ताओं के लिए कानूनी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उप जिला न्यायवादी विजय वर्मा ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत कर एनडीपीएस मामलों की जांच से जुड़े कानूनी प्रावधानों, प्रक्रियाओं और साक्ष्य संकलन की बारीकियों की जानकारी दी। उप जिला न्यायवादी विजय वर्मा ने स्पष्ट किया कि नशीले पदार्थों के साथ आरोपी को काबू करना पुलिस कार्रवाई की अंतिम मंजिल नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मजबूत अनुसंधान का लक्ष्य केवल बरामदगी तक सीमित न रहकर नशे की पूरी सप्लाई चेन, मुख्य सप्लायरों, बिचौलियों, फाइनेंसरों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचना होना चाहिए। सफल पुलिसिंग वही है जो ठोस साक्ष्यों के आधार पर पूरे तस्करी नेटवर्क को बेनकाब कर अदालत से सख्त सजा दिलवाए। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने एनडीपीएस मामलों में गुप्त सूचना मिलने से लेकर तलाशी, जब्ती, सीलिंग, सैंपलिंग, केस प्रॉपर्टी की सुरक्षा, मालखाना प्रक्रिया, फोरेंसिक लैब जांच और समय पर चालान पेश करने तक की पूरी कानूनी प्रक्रिया विस्तार से समझाई। उन्होंने चेतावनी दी कि जांच के किसी भी चरण में की गई दस्तावेजी या प्रक्रियात्मक लापरवाही पूरे केस को कमजोर कर सकती है। इसलिए हर कार्रवाई पूरी तरह कानूनसम्मत, पारदर्शी और समयबद्ध होनी चाहिए। विजय वर्मा ने अनुसंधान अधिकारियों को निर्देश दिए कि आरोपी से पूछताछ में मिली जानकारी के साथ-साथ तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स, बैंक खातों के वित्तीय लेन-देन और स्वतंत्र गवाहों की कडिय़ों को आपस में जोड़ा जाए। इससे यह कानूनी रूप से साबित किया जा सके कि नशीला पदार्थ कहां से खरीदा गया था, कौन-कौन सप्लायर शामिल थे और आगे यह माल किसे बेचा जाना था।