बिजली पर अखिलेश बोलते हैं तो प्रदेश की जनता को हंसी आती है: एके शर्मा
मऊ, 01 अक्टूबर । सेवा संकल्प अभियान के तहत मऊ पहुंचे प्रदेश के ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के हालिया बयानों पर तीखा पलटवार किया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने बिजली, किसानों, विद्युत उपभोक्ताओं, राजनीतिक प्रतीकों और समाजवाद के मुद्दे पर सपा प्रमुख को घेरा। सेवा संकल्प अभियान प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाया जा रहा है।
अखिलेश यादव के किसानों को बिजली-पानी उपलब्ध कराने संबंधी बयान पर शर्मा ने सवाल उठाया कि जब सपा की सरकार थी, तब किसानों को पर्याप्त बिजली और पानी क्यों नहीं मिला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब अखिलेश यादव बिजली के मुद्दे पर बोलते हैं तो प्रदेश की जनता को हंसी आती है। शर्मा ने आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में पूरे प्रदेश की बिजली व्यवस्था पर ध्यान देने के बजाय कुछ चुनिंदा क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाती थी।
ऊर्जा मंत्री ने दावा किया कि 2017 से पहले प्रदेश के कई गांवों और मजरों में बिजली का बुनियादी ढांचा अधूरा था। कई स्थानों पर बिजली के खंभे और तार तक नहीं पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में विद्युतीकरण का विस्तार हुआ है और विद्युत कनेक्शनों की संख्या में भी बड़ा इजाफा हुआ है।
शर्मा के मुताबिक आजादी के बाद लंबे समय तक प्रदेश में विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या करीब 1.80 करोड़ के आसपास रही, जबकि अब यह संख्या लगभग 3.70 करोड़ तक पहुंच चुकी है। उन्होंने इसे बिजली व्यवस्था के विस्तार का प्रमाण बताया और कहा कि पुरानी कमियों को दूर करने का काम वर्तमान सरकार कर रही है।
अखिलेश यादव की ओर से हरे और लाल रंग को लेकर की गई राजनीतिक व्याख्या पर भी शर्मा ने हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख का राजनीतिक रुख परिस्थितियों के अनुसार बदलता रहता है। लाल टोपी, हरे रंग और काली सदरी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अलग-अलग सामाजिक समूहों के बीच अलग-अलग राजनीतिक संदेश देने का प्रयास किया जाता है।
चौधरी चरण सिंह के किसानों के लिए संघर्ष का उल्लेख किए जाने पर शर्मा ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ने किसानों के हितों के लिए निश्चित रूप से काम किया, लेकिन उनके मुताबिक अखिलेश यादव उनके आदर्शों पर नहीं चलते। उन्होंने इसे राजनीतिक अवसरवाद बताया।
पत्रकारों को समाजवाद पढ़ने की सलाह दिए जाने के सवाल पर शर्मा ने कहा कि पत्रकार काफी पढ़ चुके हैं और उन्हें अखिलेश यादव के बताए समाजवाद की पढ़ाई करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने सपा सरकार के कार्यकाल पर कई आरोप लगाते हुए कहा कि उस दौर में गरीबों, महिलाओं और कमजोर वर्गों से जुड़े लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

