277 साल पुराना रघुनाथजी मंदिर तोडक़र कॉम्प्लेक्स के निर्माण मामले में हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
जयपुर, 29 अक्टूबर । राजस्थान हाईकोर्ट ने शहर के त्रिपोलिया बाजार में 277 साल पुराने श्रीरघुनाथजी मंदिर को ध्वस्त कर कथित तौर पर कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स निर्माण से जुडे मामले में राज्य सरकार और नगर निगम से जवाब मांगा है। सीजे संजय के. अग्रवाल और जस्टिस समीर जैन की खंडपीठ ने यह आदेश किशोर कुमार अग्रवाल की जनहित याचिका पर दिए।
याचिका में अधिवक्ता विमल चौधरी ने बताया कि बाजार के श्रीजी की मोरी स्थित 277 साल पुराने और करीब 7648 वर्ग फीट में फैले श्री रघुनाथजी मंदिर परिसर के मूल स्वरूप को खत्म कर दिया है। इसमें जयपुर नगर निगम की एम्पावर्ड कमेटी के 14 अक्टूबर 2022 के निर्णय और 28 अगस्त 2023 को जारी आवासीय निर्माण अनुमति की शर्तों की अवहेलना कर निर्माण किया गया है। कमेटी ने कहा था कि ऐतिहासिक दीवार को सुरक्षित रखते हुए मंदिर को खुला रखें और वहां कोई भी व्यावसायिक गतिविधि नहीं हो। इसके अलावा त्रिपोलिया बाजार स्थित दुकान से इस परिसर का कोई रास्ता नहीं बनाया जाएगा। याचिका में कहा गया कि इन सभी सुरक्षा शर्तों की अवहेलना कर वहां कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, बेसमेंट और दुकानें बना दीं और मंदिर की मूर्तियों व मूल ढांचे को भी प्रभावित किया है। इससे जंतर-मंतर, सिटी पैलेस व त्रिपोलिया बाजार की ऐतिहासिक विजुअल इंटीग्रिटी और स्काईलाइन को गंभीर क्षति पहुंची है। इसलिए मंदिर के मूल स्वरूप को बहाल कर वहां से हटाई सभी मूर्तियों की पुन: स्थापित किया जाए। इसके साथ ही मौके पर चल रहे अवैध निर्माण और बेसमेंट को ध्वस्त कर सीलिंग की कार्रवाई की जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है।


