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दिल्ली जिमखाना क्लब मामले में हाई कोर्ट 19 नवंबर को करेगा सुनवाई

नई दिल्ली, 04 नवंबर । दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को कहा कि वह 19 नवंबर को उन मुकदमों पर सुनवाई करेगा, जो केंद्र सरकार की ओर से दिल्ली जिमखाना क्लब को सफदरजंग रोड स्थित 27.3 एकड़ के परिसर से बेदखल करने की कार्रवाई के खिलाफ दायर किए गए हैं। जस्टिस मनोज जैन की बेंच ने कहा कि उच्च न्यायालय की एक अन्य बेंच पहले ही यह आदेश दे चुकी है कि संपदा अधिकारी पब्लिक प्रेमिसेस एक्ट के तहत अपनी कार्रवाई जारी रख सकते हैं, लेकिन सुनवाई की अगली तारीख, यानी 17 नवंबर तक कोई अंतिम आदेश पारित नहीं करेंगे।

न्यायालय ने कहा कि जिमखाना मामले से जुड़ी एक अन्य याचिका में उच्च न्यायालय की बेंच द्वारा दिए गए आदेश को देखते हुए इस स्तर पर कोई और आदेश पारित करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने इन मामलों की सुनवाई के लिए 19 नवंबर की तारीख तय करने का आदेश दिया। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने इस बात पर गौर किया कि संपदा अधिकारी ने कार्यवाही तो जारी रखी है, लेकिन दूसरी बेंच के 16 अक्टूबर के आदेश के बाद उन्होंने अंतिम आदेश न पारित करने के निर्देश का संज्ञान लिया है। इस मामले में तीन याचिकाएं दाखिल की गई हैं।

पहली याचिका दिल्ली जिमखाना क्लब के सदस्य विजय खुराना, दूसरी क्लब स्टाफ वेलफेयर एसोसिएशन और तीसरी दिल्ली जिमखाना क्लब ने दायर की है। 22 मई को भूमि और संपदा कार्यालय के इस्टेट अफसर ने दिल्ली जिमखाना क्लब को कारण बताओ नोटिस जारी कर 5 जून तक भूमि खाली करने को कहा था। खुराना ने कहा है कि उसकी याचिका का क्लब के पांच सौ सदस्य समर्थन करते हैं जिन्होंने स्टाफ वेलफेयर एसोसिएशन के जरिये याचिका दायर की है।

उच्च न्यायालय ने 26 मई को परिसर खाली करने के नोटिस के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया था। हालांकि, न्यायालय ने केंद्र सरकार के नोटिस पर कोई भी अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया था। जस्टिस अवनीश झींगन की बेंच ने केंद्र सरकार की इस सूचना पर गौर किया था कि खाली करने की कोई भी कार्रवाई नोटिस जारी करने के बाद ही की जाएगी। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि जिमखाना क्लब को खाली करने की किसी भी कार्रवाई के पहले कानून के मुताबिक नोटिस जारी किया जाएगा।

उसके बाद न्यायालय ने कहा था कि ऐसे में केंद्र के नोटिस पर रोक लगाने का कोई मतलब नहीं है। दिल्ली जिमखाना क्लब ने केंद्र सरकार की ओर से परिसर खाली करने के नोटिस के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।

केंद्र सरकार ने भी दिल्ली जिमखाना क्लब को खाली करने के लिए अनुमति देने की मांग करते हुए याचिका दायर की है। केंद्र सरकार ने कहा है कि जिमखाना क्लब प्रधानमंत्री आवास और दूसरे महत्वपूर्ण सुरक्षा ठिकानों के पास है। केंद्र सरकार ने कहा है कि रक्षा और दूसरे महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करने के लिए जिमखाना क्लब की भूमि की जरूरत है।