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बैंकिंग घोटाले में पैराग्वे के राष्ट्रपति सैंटियागो पेना गिरफ्तार, पेड्रो एलियाना ने संभाली सत्ता

असुनसियोन, 07 नवंबर । दक्षिण अमेरिकी देश पैराग्वे में बैंकिंग घोटाले ने बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा कर दिया है। उएनो बैंक के वित्तीय संकट और कथित अनियमितताओं के बाद राष्ट्रपति सैंटियागो पेना को महाभियोग के जरिए पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह उपराष्ट्रपति पेड्रो एलियाना ने शुक्रवार को देश के 53वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। इस घटनाक्रम के बाद पैराग्वे की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

अंतरराष्ट्रीय अंग्रेजी भाषा का चैनल अल जज़ीरा के मुताबिक, शुक्रवार को पैराग्वे की 45 सदस्यीय सीनेट में राष्ट्रपति पेना को पद से हटाने के लिए मतदान हुआ। इसमें 44 सीनेटरों ने महाभियोग के पक्ष में वोट दिया, जबकि एक सदस्य ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। इससे पहले निचले सदन चैंबर ऑफ डेप्युटीज ने भी 78-0 के मतों से महाभियोग का समर्थन किया था।

पेना ने सोशल मीडिया पर अपने पद से हटने के बाद लिखा कि वह आभार के साथ विदा ले रहे हैं और उन लोगों की पीड़ा को समझते हैं, जो अभी भी इस पूरे मामले में जवाब का इंतजार कर रहे हैं।

पैराग्वे में राजनीतिक संकट की मुख्य वजह उएनो बैंक का वित्तीय संकट बताया जा रहा है। देश के केंद्रीय बैंक ने मंगलवार को जानकारी दी थी कि उएनो बैंक वित्तीय स्थिरता से जुड़े कानूनी मानकों को पूरा करने में विफल रहा है। इसके बाद बैंक के लाखों ग्राहकों की जमा राशि, खातों और पेंशन भुगतान को लेकर संकट खड़ा हो गया। करीब 30 लाख ग्राहकों वाला यह बैंक पैराग्वे की वयस्क आबादी के लगभग दो-तिहाई हिस्से को सेवाएं देता था। जमा राशि के लिहाज से यह देश का पांचवां सबसे बड़ा बैंक बन चुका था।

इस घोटाले में पूर्व राष्ट्रपति पेना की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। वर्ष 2023 में उन्हें उएनो बैंक की मूल कंपनी के शेयरधारक के रूप में पहचाना गया था। हालांकि, पेना का दावा था कि उन्होंने 2025 की शुरुआत में अपने शेयर बेच दिए थे।

जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या सरकारी संपर्कों और राजनीतिक प्रभाव के कारण बैंक को नियामकीय कार्रवाई से बचाया गया। सरकारी पेंशन फंड की करीब 355 मिलियन डॉलर की राशि भी बैंक में निवेश की गई थी। इस मामले में पैराग्वे के केंद्रीय बैंक के पूर्व प्रमुख कार्लोस कार्वालो के खिलाफ भी गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। उन पर बैंक की निगरानी संबंधी जिम्मेदारियों में विफल रहने के आरोप हैं। उन्होंने इसी सप्ताह अपने पद से इस्तीफा दिया था। घोटाले की जांच में कम से कम 27 लोगों पर आपराधिक आरोप लगाए गए हैं। इनमें बैंक के प्रमुख शेयरधारक मिगुएल वाज़क्वेज़ भी शामिल हैं। जांच के दायरे में धोखाधड़ी, विश्वासघात, धन के दुरुपयोग और प्रभाव के गलत इस्तेमाल जैसे आरोप हैं।

पेड्रो एलियाना ने ऐसे समय में राष्ट्रपति पद संभाला है, जब पैराग्वे गंभीर राजनीतिक और आर्थिक संकट से गुजर रहा है। अब उनके सामने बैंकिंग व्यवस्था में जनता का भरोसा बहाल करने, ग्राहकों के हितों की रक्षा करने और घोटाले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की चुनौती होगी। वहीं, पूर्व राष्ट्रपति पेना ने जांच में सहयोग करने का संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि वह अपनी मौजूदगी से देश में और अधिक राजनीतिक अस्थिरता या विभाजन पैदा नहीं करना चाहते।