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राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष: इंडियन बैंक को पांच लाख हर्जाना देने का आदेश

राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष: इंडियन बैंक को पांच लाख हर्जाना देने का आदेश

जोधपुर, 5 अप्रेल (हि.स.)। राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने साइबर ठगी के मामले में महत्वपूर्ण व्यवस्था दी है कि बैंक को अधिक सजगता रखनी चाहिए। आयोग के अध्यक्ष देवेंद्र कछावा और सदस्य लियाकत अली ने इंडियन बैंक की अपील खारिज करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग के फैसले को सही माना, जिसके अनुसार बैंक परिवादी को पांच हजार रुपये हरजाना और 48 हजार रुपये मय ब्याज अदा करेगी।

बैंक की ओर से अपील में बहस करते हुए कहा गया कि उपभोक्ता के बैंक खाते से एक ही समय दो बार में चौबीस चौबीस हजार रुपये अज्ञात व्यक्ति द्वारा निकाले गए,उसके लिए बैंक दोषी नहीं है सो अपील मंजूर की जाएं। उपभोक्ता सुनील भंडारी की ओर से कहा गया कि साइबर थाने के निर्देशानुसार बैंक ने राशि होल्ड कर उनके खाते में जमा कर दी, लेकिन 45 दिन बाद बिलावजह खाते से नामे कर दी।

राज्य उपभोक्ता आयोग ने बैंक की अपील खारिज करते हुए कहा कि बैंक को ग्राहकों के प्रति पूरी सजगता रखनी चाहिए और यह समझ से परे है कि जब एक बार राशि रिफंड करने की मंशा से होल्ड कर परिवादी के खाते में जमा कर ली तो फिर उसे वापिस रिवर्स कैसे कर दी। उन्होंने कहा कि बैंक ने साइबर थाने अथवा उपभोक्ता को यह नहीं बताकर सेवा में त्रुटि की है कि उपभोक्ता के खाते से किसके खाते में राशि अंतरित की। उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग के निर्णय को पुष्ट कर दिया,जिससे अब बैंक को परिवादी को पांच हजार रुपये हरजाना और 48 हजार रुपये मय ब्याज अदा करने होंगे