राजस्थान: फोर्थ क्लास भर्ती में जीके सवाल दोगुने, स्टेनो स्किल टेस्ट फिर होगा!
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने फोर्थ क्लास कर्मचारी भर्ती परीक्षा में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब राजस्थान सामान्य ज्ञान (GK) को परीक्षा में वेटेज 20% से बढ़ाकर 41% कर दिया गया है। इससे परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को अब 120 प्रश्नों में से 50 प्रश्न राजस्थान जीके से संबंधित मिलेंगे, जबकि पहले ये 25 ही होते थे। यह निर्णय खासतौर पर उन बेरोजगार युवाओं की लंबे समय से चली आ रही मांग के परिणामस्वरूप लिया गया, जो राजस्थान जीके के वेटेज में वृद्धि के लिए धरने, प्रदर्शनों और ज्ञापनों के माध्यम से अपने अधिकारों की पैरवी कर रहे थे। साथ ही, विधानसभा में भी इस मुद्धे को उठाया गया था।
राजस्थान की भजनलाल सरकार द्वारा 53,749 फोर्थ क्लास पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। इनमें से 48,199 पद गैर-अनुसूचित क्षेत्र के लिए और 5,550 पद अनुसूचित क्षेत्र के लिए आरक्षित हैं। योग्य उम्मीदवार जो दसवीं कक्षा पास कर चुके हैं, वे 21 मार्च से 19 अप्रैल के बीच आवेदन कर सकते हैं। साथ ही, उम्मीदवारों को फॉर्म में सुधार करने का अवसर भी दिया जाएगा। आवेदकों की उम्र 18 से 40 साल होनी आवश्यक है, परंतु आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को 40 साल की आयु में भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का मौका दिया जाएगा।
सितंबर के महीने में भर्ती परीक्षा का कंप्यूटर या टैबलेट आधारित टेस्ट आयोजित किया जाएगा। इसमें सफल हुए उम्मीदवारों में से दोगुना लोगों को दस्तावेजों की सत्यापन के लिए बुलाया जाएगा। दस्तावेजों की जांच के बाद ही चयन प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी कि जो उम्मीदवार परीक्षा में सफल होते हैं, वे ही अंतिम चयन के लिए पात्र हैं।
स्टेनो भर्ती परीक्षा के स्किल टेस्ट में भी बदलाव किया गया है। बोर्ड द्वारा 19 और 20 मार्च को जयपुर में आयोजित परीक्षा में कई उम्मीदवार ऑडियो समस्याओं के कारण परीक्षा नहीं दे पाए थे। इसके चलते उन्होंने इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया। इस पर बोर्ड ने जांच समिति का गठन किया और अब, एक विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के आधार पर, उस स्किल टेस्ट को रद्द करने का निर्णय लिया गया है। आगामी परीक्षा में 7,000 से अधिक उम्मीदवारों के हिस्सा लेने की संभावना है।
इस प्रकार, इन बदलावों के माध्यम से राजस्थान सरकार ने न केवल युवाओं की आवाज सुनी है, बल्कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। अब यह देखना होगा कि ये निर्णय प्रत्याशियों को किस तरह से लाभान्वित करते हैं और रोजगार के अवसरों को कैसे बढ़ाते हैं।

