Rajasthan

जानें कैसे एमडीएम और एमजीएच अस्पताल ने रक्तदान कर बचाईं सैकड़ों ज़िंदगियाँ!

पश्चिमी राजस्थान की सीमा पर तैनात सेना के जवानों और स्थानीय नागरिकों की जीवन रक्षा के लिए जोधपुर में रक्तदान अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इस क्रम में रविवार को जैन समाज की ओर से सरदारपुरा डी रोड पर ‘दी मोटर मर्चेंट एसोसिएशन हॉल’ में एक विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में कुल 222 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया, जो इस क्षेत्र में एक उल्लेखनीय प्रयास है।

इस रक्तदान शिविर के सह-समन्वयक उम्मेदराज जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि अभियान का उद्घाटन नवकार महामंत्र जाप के साथ किया गया। यह कार्यक्रम श्री एसएस जैन ज्ञान श्रावक संघ सिटी पुलिस और श्री सुधर्म जैन नवयुवक मंडल सिटी पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। इस रक्तदान शिविर में महेश श्रीमाल, दीपक चोरड़िया, राजीव बोहरा और पवन बागरेचा जैसे आयोजकों के साथ-साथ दोनों संस्थाओं की युवा टीम ने मिलकर सेना और समाज के प्रति अपना सम्मान दिखाते हुए 222 यूनिट रक्त संग्रह किया।

इस शिविर में भाग लेने वाले लोगों में युवकों, युवतियों और महिलाओं की एक बड़ी संख्या सम्मिलित हुई। रक्तदान के इस अभियान में संस्था के रोहित कोठारी, सुभाष बेध, अंकित रायसोनी, विशाल मेहता और मोहित बाफना ने भी सक्रिय रूप से योगदान दिया। एकत्रित की गई कुल 222 यूनिट रक्त में से 121 यूनिट रक्त मथुरादास माथुर अस्पताल की ब्लड बैंक टीम द्वारा तथा 101 यूनिट रक्त महात्मा गांधी अस्पताल की ब्लड बैंक टीम द्वारा एकत्रित की गई।

रक्तदान कार्यक्रम के दौरान उपस्थित ब्लड बैंकों की विभागाध्यक्ष डॉ. राजश्री बेहरा और मथुरादास माथुर अस्पताल की ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. एच एल मीणा ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया। इस आयोजन के सफल संचालन के लिए गौतम गुलेछा, गौतम संचेती और देवराज चोपड़ा का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिसने इस सामाजिक कार्य को सशक्त बनाया।

यह रक्तदान शिविर न केवल रक्त की कमी को पूरा करने में सहायक है, बल्कि यह समाज में जागरूकता फैलाने और लोगों को इस महत्वपूर्ण कार्य में शामिल करने का एक साधन भी है। ऐसे आयोजनों से यह संदेश जाता है कि जब आवश्यकता हो, तो समुदाय एकजुट होकर मदद के लिए आगे आता है। इस प्रकार के रक्तदान अभियानों से न केवल स्थानीय नागरिकों के बीच सहयोग की भावना को मजबूती मिलती है, बल्कि यह सेना के प्रति भी समर्थन और सम्मान व्यक्त करने का एक उत्कृष्ट माध्यम है। पश्चिमी राजस्थान में इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे, जिससे जरूरतमंदों की सहायता की जा सके और रक्तदान के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ सके।