वाराणसी में मचा हड़कंप! मंदिरों-घाटों पर अभेद सुरक्षा, एयरपोर्ट पर CISF का कड़ा पहरा
भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के चलते उत्तर प्रदेश, खासकर वाराणसी, में उच्च सुरक्षा चेतावनी जारी की गई है। धार्मिक स्थलों जैसे काशी, मथुरा और अयोध्या को सुरक्षा का अभेद किला बनाया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से निपटा जा सके। पूरे यूपी में जल, थल और आकाश से निगरानी की जा रही है। ड्रोन की मदद से शहर के हर हिस्से पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि का पता लगाया जा सके।
वाराणसी के गंगा घाटों और मंदिरों की सुरक्षा को भी कई गुना बढ़ा दिया गया है। पुलिस बल के सदस्यों को वहां चौकसी करने के लिए तैनात किया गया है। शुक्रवार की रात पुलिस अफसर जैसे थानेदार, एसीपी, एडीसीपी और डीसीपी अलग-अलग टीमों के साथ शहर में गश्त करते रहे। साथ ही, फैंटम गाड़ियों के माध्यम से गलियों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। डीजीपी के आदेश पर शहर की सुरक्षा पुख्ता की गई है, जिससे नागरिकों में एक प्रकार की सुरक्षा का अहसास हो सके।
ज्ञानवापी और काशी विश्वनाथ मंदिर के आसपास की सुरक्षा को और भी मजबूत किया गया है। बाबतपुर एयरपोर्ट पर विजिटर और एराइवल पास को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। सुरक्षा को चार चेकिंग प्वाइंट्स के माध्यम से पांच लेयर में बांटा गया है। इस दौरान एनएसजी, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आरपीएफ, पीएसी और एनडीआरएफ की दो टीमें बाबा विश्वनाथ मंदिर तक पहुंची हैं। एयरपोर्ट, काशी विश्वनाथ मंदिर और अन्य सुरक्षा स्थलों पर सुरक्षा जवानों की संख्या बढ़ा दी गई है, जो आम दिनों की तुलना में अधिक है।
शनिवार की सुबह फैंटम बाइक पर लगभग 200 जवान सड़कों पर उतरे, जिससे शहर की सुरक्षा का एहसास और भी गहरा हो गया। कैंट रेलवे स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ द्वारा यात्रियों की चेकिंग की गई। यात्रियों के बैग की जांच की गई और उन्हें सुरक्षा के आवश्यक टिप्स दिए गए। पुलिस ने संदिग्ध वस्तुओं या व्यक्तियों की पहचान करने के लिए यात्रियों को सावधान किया। स्टेशन के अंदर और बाहर का क्षेत्र भी पुलिस ने खंगाला और मौजूद यात्रियों से पूछताछ की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रमुख स्थलों की आंतरिक सुरक्षा के साथ-साथ बाहरी सुरक्षा को और बढ़ा दिया गया है। एयरपोर्ट और काशी विश्वनाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में पांच लेयर का सुरक्षा तंत्र स्थापित किया गया है। बाबतपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ डॉग स्क्वायड द्वारा भी चेकिंग का काम किया जा रहा है। इस दौरान सीआईएसएफ के जवानों द्वारा रैंडम चेकिंग अभियान चलाकर संदिग्धों पर निगरानी रखी जा रही है। कैमरों के माध्यम से भी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, जिससे सुरक्षा की ओर बढ़ाए गए कदमों की प्रभावशीलता को सुनिश्चित किया जा सके।

